पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा पर फोकस; माताओं, आशा कार्यकर्ताओं और महिला शिक्षिकाओं को समिति में मिलेगा प्रतिनिधित्व
गांधीनगर, 19 सितंबर। गुजरात सरकार ने राज्य के प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र में आंगनवाड़ी मैनेजमेंट कमेटी (AMC) गठित करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य 0 से 6 वर्ष के बच्चों में कुपोषण और विकास संबंधी समस्याओं को कम करने के साथ आंगनवाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है।
नई व्यवस्था में समिति की सभी सदस्य महिलाएं होंगी। इसमें महिला सुपरवाइजर अध्यक्ष, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सदस्य-सचिव, एक आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी में पंजीकृत बच्चों की दो माताएं, स्थानीय स्वयं सहायता समूह या एनजीओ की एक महिला सदस्य और नजदीकी सरकारी प्राथमिक विद्यालय की एक महिला शिक्षिका शामिल होगी।
हर दो महीने में होगी बैठक
आंगनवाड़ी मैनेजमेंट कमेटी की हर दो महीने में बैठक होगी। इसमें बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य जांच, वृद्धि की निगरानी, प्रारंभिक शिक्षा और आंगनवाड़ी केंद्र की सुविधाओं की समीक्षा की जाएगी।
समिति भोजन की गुणवत्ता, पेयजल, शौचालय, रसोई, स्टोरेज, फर्नीचर, शिक्षण सामग्री और स्वच्छता जैसी व्यवस्थाओं पर भी नजर रखेगी। स्थानीय स्तर पर हल होने वाली समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा, जबकि बड़ी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के सामने रखा जाएगा।
बच्चों की ग्रोथ और कुपोषण पर विशेष निगरानी
0 से 6 वर्ष के बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग, 0 से 3 वर्ष के बच्चों के विकासात्मक चरणों की निगरानी, कुपोषित बच्चों की पहचान, स्वास्थ्य जांच और जरूरत पड़ने पर रेफरल एवं फॉलोअप समिति की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल होंगे।
इसके अलावा गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं तक पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में भी समिति सहयोग करेगी।
प्रारंभिक शिक्षा की भी होगी समीक्षा
आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए होने वाली प्रारंभिक बाल शिक्षा गतिविधियों की भी निगरानी की जाएगी। समिति यह देखेगी कि बच्चों के लिए निर्धारित गतिविधियां नियमित रूप से संचालित हो रही हैं और शिक्षण सामग्री का उचित उपयोग किया जा रहा है या नहीं।
सरकार का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों को केवल पोषण वितरण के स्थान के बजाय बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा के समग्र केंद्र के रूप में मजबूत करना है।
बैठक की कार्यवाही का रिकॉर्ड होगा तैयार
समिति की प्रत्येक बैठक की कार्यवाही दर्ज की जाएगी। इसमें उपस्थित सदस्यों, चर्चा किए गए मुद्दों, लिए गए निर्णयों और उनके अनुपालन की जानकारी शामिल होगी। बैठक की कार्यवाही 7 दिनों के भीतर संबंधित सीडीपीओ को भेजनी होगी। सीडीपीओ वर्ष में कम से कम दो बार समिति के कामकाज की समीक्षा करेंगे।
सरकार के अनुसार, इस व्यवस्था के जरिए आंगनवाड़ी सेवाओं में माताओं और स्थानीय समुदाय की सीधी भागीदारी बढ़ेगी और बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य तथा प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी सेवाओं की नियमित निगरानी को मजबूत आधार मिलेगा।
