ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने देश की पहली डेंगू वैक्सीन ‘क्यूडेंगा’ को मंज़ूरी दे दी है। डेंगू के विरुद्ध लड़ाई में इसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
वैक्सीन से जुड़ी ज़रूरी बातें
- 4 से 60 वर्ष तक की उम्र के लोगों में इस्तेमाल की अनुमति
- दो डोज़ में दी जाती है, दोनों के बीच करीब तीन महीने का अंतर
- दुनिया के 42 देशों में पहले ही मंज़ूरी मिल चुकी है
- विश्व स्वास्थ्य संगठन से प्री-क्वालिफिकेशन प्राप्त
भारत के लिए क्यों अहम
भारत में हर साल मॉनसून के बाद डेंगू के मामलों में तेज़ उछाल आता है, ख़ासकर शहरी इलाकों में। डेंगू के चार अलग-अलग सीरोटाइप होने के कारण दोबारा संक्रमण अक्सर ज़्यादा गंभीर होता है, जिससे टीके की अहमियत और बढ़ जाती है।
रोकथाम अब भी सबसे ज़रूरी
डॉक्टरों का कहना है कि टीका आने के बावजूद मच्छरों की रोकथाम सबसे कारगर उपाय बनी रहेगी — घर के आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर और गमलों की नियमित सफ़ाई करें और पूरे कपड़े पहनें।
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। टीकाकरण से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें।