इरविन खन्ना संपादकीय { गहरी खोज }: पांच राज्यों के चुनाव परिणामों के बाद भाजपा के मुख्य कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यह बदला नहीं, बदलाव का समय है। अब भय की नहीं, भविष्य की बात होनी चाहिए। पीएम मोदी ने बंगाल की जनता को हिंसा मुक्त राजनीति का बड़ा संदेश दिया। मोदी ने साफ किया कि प्रचंड जीत के बावजूद भाजपा बदले की कार्रवाई के बजाय बदलाव और राज्य के विकास को तरजीह देगी। उन्होंने तृणमूल व माकपा का नाम लिए बगैर सभी दलों से इसमें सहयोग की अपील की। कहा कि किसने किसको वोट दिया है, यह देखने की बजाय सभी को मिलकर बंगाल की सेवा के लिए काम करना चाहिए। बंगाल में भय मुक्त वातावरण मोदी की गारंटी है। उन्होंने हिंसा, डर व निर्दोष लोगों की मौत से रहित चुनाव को अहम बताते हुए कहा कि पहली बार डर नहीं, लोकतंत्र जीता है। नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यह कई मायनों में एक विशेष दिन है, क्योंकि यह देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत देता है। यह भारत के महान लोकतंत्र में विश्वास का दिन है, प्रदर्शन की राजनीति में विश्वास का दिन है, स्थिरता के संकल्प में विश्वास का दिन है और एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना में विश्वास का दिन है। मोदी ने कहा पिछले साल 14 नवंबर को जब बिहार चुनाव के परिणाम घोषित हुए थे, मैंने इसी स्थान से भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा था कि गंगा बिहार से पश्चिम बंगाल के गंगासागर तक बहती है। आज बंगाल में इस जीत के साथ गंगोत्री (उत्तराखंड) से गंगासागर (बंगाल) तक कमल पूर्ण रूप से खिल गया है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल जैसे गंगा माता के आसपास के राज्यों में आज भाजपा-राजग की सरकारें हैं। मोदी ने कहा कि बंगाल में लोकतंत्र के इस उत्सव में भय नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जीत हुई है। जब भाजपा ने बंगाल में जीत हासिल की है, तो ‘बदले’ की नहीं, ‘परिवर्तन’ की और ‘डर’ की नहीं, ‘भविष्य’ की बात होनी चाहिए। जीत और हार लोकतंत्र और राजनीति का स्वाभाविक हिस्सा हैं, लेकिन पांचों राज्यों की जनता ने दुनिया को दिखा दिया है कि क्यों हमारा देश लोकतंत्र की जननी है। हमारे लिए लोकतंत्र सिर्फ एक व्यवस्था नहीं है, यह हमारी रगों में बहने वाली परंपराओं की नदी है। आज न केवल भारत के लोकतंत्र की जीत हुई है, बल्कि भारत के संविधान की भी जीत हुई है। हमारी संवैधानिक संस्थाओं की जीत हुई है, हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की जीत हुई है। मोदी ने कहा कि बंगाल में लगभग 93 प्रतिशत मतदान अपने आप में ऐतिहासिक है। असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरलम में भी मतदान, के नए रिकार्ड बने हैं। चुनाव में महिलाओं की भागीदारी अधिक रही है। पांच राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भाजपा मुख्य कार्यालय में भाजपा कार्यकर्ताओं को जो कहा वह भारतीय जन व जनता के प्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के लिए बुनियादी सिद्धांतों की तरह है। राजनीति में बदले की नहीं बदलाव की, भय की नहीं भविष्य की बात होनी चाहिए हार-जीत लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा। लोकतंत्र एक व्यवस्था नहीं हमारी रगों में है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भाषण जहां उनकी परिपक्व व सकारात्मक सोच को दर्शाता है वहीं उनके लोकतांत्रिक व्यवस्था में अटूट विश्वास को भी दिखाता है। मोदी ने भाजपा के कार्यकर्ताओं के माध्यम से देश के राजनीतिक दलों को भी बदले और भय की राजनीति से ऊपर उठकर बदलाव व भविष्य के प्रति कार्य करने का जो संदेश दिया है, अगर सभी राजनीतिक दल उस पर अमल करना शुरू कर दें तो देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था भी मजबूत होगी और देश का भविष्य भी उज्ज्वल होगा।