कनाडा के उच्चायुक्त ने ओडिशा के उपमुख्यमंत्री से की मुलाकात

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भुवनेश्वर{ गहरी खोज }: भारत में कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने बुधवार को अपनी पत्नी के साथ लोक सेवा भवन में ओडिशा के उपमुख्यमंत्री तथा कृषि एवं किसान सशक्तिकरण एवं ऊर्जा मंत्री कनक वर्धन सिंह देव से शिष्टाचार मुलाकात की। बैठक में ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विशाल कुमार देव तथा वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव एवं ओपीटीसीएल के सीएमडी भास्कर ज्योति शर्मा भी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई, जिसमें विशेष रूप से ओडिशा को केंद्र में रखा गया। कृषि निर्यात, प्रौद्योगिकी सहयोग, द्विपक्षीय व्यापार और खनिज आधारित उद्योग प्रमुख चर्चा के विषय रहे।
उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने ओडिशा की खनिज संपदा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य में देश के लगभग 92 प्रतिशत क्रोमाइट भंडार मौजूद हैं। इसके अलावा ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में रेयर अर्थ मिनरल्स के भी बड़े भंडार उपलब्ध हैं। उन्होंने खनन और मूल्य संवर्धित उद्योगों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की व्यापक संभावनाओं पर जोर दिया। कनाडाई प्रतिनिधिमंडल ने ओडिशा के ऑटोमोबाइल क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं में विशेष रुचि दिखाई। दोनों पक्षों ने सतत औद्योगिक विकास के लिए तकनीकी साझेदारी बढ़ाने और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर भी चर्चा की। सिंह देव ने प्रतिनिधिमंडल को ओडिशा की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक पहचान और वर्तमान कृषि परिदृश्य से अवगत कराते हुए कहा कि राज्य परंपरा और आधुनिक विकास के बीच संतुलित दृष्टिकोण अपनाकर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि ओडिशा ऐसे वैश्विक साझेदारी मॉडल का स्वागत करता है, जो निवेश, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराने के साथ-साथ समावेशी और सतत विकास सुनिश्चित करें। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि विश्व बैंक की ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ रिपोर्ट में ओडिशा को ‘अचीवर स्टेट’ का दर्जा प्राप्त हुआ है। राज्य की स्थिर औद्योगिक नीति, मजबूत बुनियादी ढांचा और उद्योग-अनुकूल वातावरण वैश्विक निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत में प्रस्तावित तीन ग्रीन हाइड्रोजन हब में से दो ओडिशा के पारादीप और गोपालपुर में स्थापित किए जाएंगे। ये परियोजनाएं राज्य को पारंपरिक ऊर्जा से नवीकरणीय ऊर्जा की ओर अग्रसर करने के साथ-साथ हरित प्रौद्योगिकी और डीकार्बोनाइजेशन के क्षेत्र में राष्ट्रीय नेतृत्व प्रदान करेंगी। सिंह देव ने बताया कि कनाडा ने स्वच्छ ऊर्जा और औद्योगिक सहयोग से जुड़े संयुक्त परियोजनाओं में निवेश की इच्छा भी जताई है। बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने चिन्हित क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए संस्थागत संवाद जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।

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