आप सांसदों का भाजपा में शामिल होना असंवैधानिक, रद्द हो सदस्यता: मलविंदर सिंह कंग
चंडीगढ़{ गहरी खोज }: आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और 6 अन्य सांसदों के भाजपा में शामिल होने को लेकर सियासी माहौल गर्म है। आप ने इस पूरे घटनाक्रम को असंवैधानिक और गैर-कानूनी करार देते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी के सांसद मलविंदर सिंह कंग ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह फैसला एकतरफा और संविधान के खिलाफ है।
आप सांसद ने यह स्पष्ट किया कि जब तक इस मामले में दायर याचिका पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक किसी भी तरह का विलय वैध नहीं माना जा सकता। उन्होंने यह मांग की कि संबंधित सांसदों की सदस्यता तुरंत प्रभाव से रद्द की जानी चाहिए।
मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ खिलवाड़ भी है। उन्होंने सवाल उठाया कि पंजाब में भाजपा के पास महज तीन विधायक हैं; ऐसे में छह या सात राज्यसभा सांसदों का दावा कैसे किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा सदस्यों का चुनाव विधायकों द्वारा किया जाता है, इसलिए इस तरह का राजनीतिक घटनाक्रम कई संवैधानिक सवाल खड़े करता है।
उन्होंने आगे कहा कि इस मुद्दे पर राज्यसभा में सांसद संजय सिंह ने भी सक्रिय रुख अपनाया है। उन्होंने राज्यसभा के चेयरमैन को पत्र लिखकर मांग की है कि पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में जाने वाले सांसदों की सदस्यता रद्द की जाए। संजय सिंह का तर्क है कि ये सभी सांसद आप के टिकट पर चुने गए थे, इसलिए पार्टी बदलना दलबदल विरोधी कानून के तहत आता है। जब तक चेयरमैन इस पत्र पर कोई निर्णय नहीं लेते, तब तक इन सांसदों का भाजपा में शामिल होना पूरी तरह असंवैधानिक माना जाना चाहिए। भाजपा पर निशाना साधते हुए मलविंदर सिंह कंग ने आगे कहा कि भाजपा अपनी मनमर्जी कर रही है लेकिन हमें पूरा भरोसा है कि आने वाले दिनों में इनकी सदस्यता रद्द की जाएगी।
