गुजरात निवेश में नंबर-1: नीति आयोग के इंडेक्स में 56.6 स्कोर के साथ देश में सबसे आगे, महाराष्ट्र-तमिलनाडु दूसरे-तीसरे नंबर पर
गांधीनगर, 18 जुलाई। गुजरात ने निवेश और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में एक बार फिर अपनी मजबूत स्थिति साबित की है। नीति आयोग के पहले ‘इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स 2026’ में गुजरात ने 56.6 अंक के साथ देश के बड़े राज्यों में पहला स्थान हासिल किया है। महाराष्ट्र 53.7 अंक के साथ दूसरे और तमिलनाडु 53.3 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
नीति आयोग ने देश के 17 प्रमुख राज्यों का निवेश के लिए अनुकूल माहौल, इंफ्रास्ट्रक्चर, नीतिगत व्यवस्था, वित्तीय स्थिति, कारोबार की सुविधा और अन्य मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया। कुल 84 संकेतकों और 8 प्रमुख पिलर्स के आधार पर तैयार इस इंडेक्स में गुजरात ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया।
राज्य सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में उद्योग-अनुकूल नीतियों, तेज प्रशासनिक व्यवस्था, निवेशकों के लिए आसान मंजूरी प्रक्रिया और मजबूत औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर ने गुजरात को देश का पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
सिंगल विंडो सिस्टम से निवेशकों को एक ही जगह मिल रही मंजूरी
गुजरात में निवेशकों के लिए iNDEXTb (Industrial Extension Bureau) की सिंगल-विंडो व्यवस्था लागू है। इसके जरिए निवेशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने के बजाय एक ही व्यवस्था के माध्यम से जरूरी मंजूरियां और सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
रिपोर्ट में गुजरात की NOC प्रक्रिया को भी निवेश-अनुकूल व्यवस्था की प्रमुख वजह बताया गया है। कारोबार शुरू करने के लिए जरूरी अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्धारित समय और उचित लागत में उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है।
इससे निवेशकों के लिए परियोजनाओं को मंजूरी दिलाने और उद्योग शुरू करने में लगने वाला समय कम हुआ है। यही वजह है कि गुजरात को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिहाज से भी मजबूत राज्य माना जाता है।
स्थिर लेबर माहौल भी गुजरात की बड़ी ताकत
निवेशकों के लिए गुजरात की एक और बड़ी खासियत स्थिर श्रम वातावरण है। नीति आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि अनिवार्य सेवाओं में हड़ताल पर प्रतिबंध के कारण राज्य में लेबर डिसरप्शन का प्रभाव बहुत कम है।
उद्योगों के लिए लगातार उत्पादन बनाए रखना जरूरी होता है। ऐसे में श्रम संबंधी व्यवधान कम होने से कंपनियों को लंबे समय के निवेश और उत्पादन की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलती है।
धोलेरा से GIFT City तक प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर
गुजरात का मजबूत औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर भी निवेश आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा रहा है। धोलेरा SIR, GIFT City, साणंद, दाहेज, झगड़िया और सायखा जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं के साथ प्लग-एंड-प्ले इकोसिस्टम तैयार किया गया है।
इस व्यवस्था का फायदा यह है कि कंपनियों को जमीन, कनेक्टिविटी, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए लंबे इंतजार की जरूरत कम होती है। इससे उद्योगों की स्थापना और उत्पादन शुरू करने की प्रक्रिया तेज होती है।
गुजरात का यही औद्योगिक नेटवर्क वाइब्रेंट गुजरात समिट को भी निवेशकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बनाता है। द्विवार्षिक समिट के जरिए राज्य घरेलू और विदेशी कंपनियों से बड़े निवेश प्रस्ताव आकर्षित करता रहा है।
उद्योगों को राष्ट्रीय औसत से 29% सस्ती बिजली
गुजरात की निवेश-अनुकूल व्यवस्था में बिजली की उपलब्धता और लागत भी महत्वपूर्ण है। रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए बिजली राष्ट्रीय औसत से करीब 29% सस्ती है।
वहीं, राज्य में औसतन 23.8 घंटे प्रतिदिन बिजली की आपूर्ति होती है। लगातार और अपेक्षाकृत सस्ती बिजली उद्योगों की उत्पादन लागत कम करने के साथ उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने में मदद करती है।
देश के मर्चेंडाइज निर्यात में गुजरात की 31% हिस्सेदारी
निर्यात के मामले में भी गुजरात देश के प्रमुख राज्यों में शामिल है। भारत के कुल मर्चेंडाइज निर्यात में गुजरात की हिस्सेदारी करीब 31% है। इससे राज्य के मजबूत विनिर्माण और निर्यात इकोसिस्टम का अंदाजा लगाया जा सकता है।
गुजरात का प्रति व्यक्ति GSDP ₹2.64 लाख बताया गया है। राज्य की आर्थिक स्थिति के साथ उसकी वित्तीय स्थिति भी अपेक्षाकृत मजबूत है। रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात का राजकोषीय घाटा 2.81% है।
वहीं, राज्य की कुल देनदारियां बड़े राज्यों के औसत की तुलना में करीब 40% कम हैं। मजबूत वित्तीय स्थिति निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार खर्च करने की राज्य की क्षमता को बढ़ाती है।
सड़क-रेल कनेक्टिविटी ने लॉजिस्टिक्स को बनाया मजबूत
गुजरात की भौगोलिक स्थिति और मजबूत कनेक्टिविटी भी निवेशकों के लिए बड़ा फायदा है। राज्य में देश के कुल स्टेट हाईवे नेटवर्क का करीब 10% हिस्सा है। यह राष्ट्रीय औसत की तुलना में करीब चार गुना है।
राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे की अनुमानित लंबाई के मामले में भी गुजरात देश में आगे है। राज्य में करीब 635 किलोमीटर राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे की अनुमानित लंबाई है।
इसके अलावा देश के कुल रेलवे नेटवर्क का करीब 7% हिस्सा गुजरात में है। बेहतर सड़क और रेल कनेक्टिविटी के साथ बंदरगाहों तक आसान पहुंच ने गुजरात के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को और मजबूत बनाया है।
कम टर्नअराउंड टाइम से उद्योगों को फायदा
रिपोर्ट में गुजरात की लॉजिस्टिक्स दक्षता को भी निवेश-अनुकूल माहौल की महत्वपूर्ण वजह माना गया है। बेहतर सड़क, रेल, बंदरगाह और औद्योगिक कनेक्टिविटी के कारण माल की आवाजाही तेज होती है और टर्नअराउंड टाइम कम रहता है।
इससे कंपनियों की सप्लाई चेन अधिक प्रतिस्पर्धी बनती है और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी लागत को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
महाराष्ट्र और तमिलनाडु को पीछे छोड़ा
निवेश-अनुकूलता के इंडेक्स में गुजरात का 56.6 स्कोर सबसे अधिक रहा। इसके बाद महाराष्ट्र 53.7 और तमिलनाडु 53.3 अंक के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
इस रैंकिंग से यह संकेत मिलता है कि निवेशकों के लिए बेहतर नीतियां, तेज मंजूरी व्यवस्था, औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजली की उपलब्धता, कनेक्टिविटी और मजबूत वित्तीय स्थिति जैसे कई मोर्चों पर गुजरात ने दूसरे बड़े राज्यों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है।
राज्य सरकार का कहना है कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ के विजन के अनुरूप गुजरात को देश का प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
