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गुरुवार, 24 सितंबर 2026

SIR पर मतभेद के आरोपों पर चुनाव आयोग ने 8 प्वाइंट्स में दी सफाई, अलग-अलग राय होना सामान्य बात,

नई दिल्ली, 23 सितंबर। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की रिपोर्ट सामने आने के बाद आयोग ने पूरे मामले पर सफाई जारी की है। अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में…

SIR पर मतभेद के आरोपों पर चुनाव आयोग ने 8 प्वाइंट्स में दी सफाई, अलग-अलग राय होना सामान्य बात,

नई दिल्ली, 23 सितंबर। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की रिपोर्ट सामने आने के बाद आयोग ने पूरे मामले पर सफाई जारी की है। अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर कई बार आपत्ति दर्ज की।

रिपोर्ट सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि आयोग में अलग-अलग राय, सुझाव और टिप्पणियां होना सामान्य संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग ने दावा किया कि SIR समेत पिछले एक साल में लिए गए सभी प्रमुख फैसले पूरे आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

चुनाव आयोग ने 8 प्वाइंट्स में दी सफाई

1. संविधान के तहत काम करता है ECI
चुनाव आयोग ने कहा कि वह संविधान के अनुच्छेद 324, कानूनों और तय संस्थागत प्रक्रियाओं के तहत काम करता है। आंतरिक नोट्स, सुझाव और समीक्षा इसकी सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं।

2. सभी फैसले कानूनी प्रक्रिया के अनुसार
आयोग के मुताबिक उसके सभी आदेश, फैसले और प्रशासनिक निर्देश निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत जारी किए जाते हैं। 2023 के संबंधित कानून में तय प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है।

3. सवाल और सुझाव सामान्य प्रक्रिया
आयोग के सदस्यों की ओर से किसी प्रस्ताव पर सवाल या सुझाव देना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को बेहतर बनाना और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा करना है।

4. अलग-अलग राय होना सामान्य
ECI ने कहा कि किसी भी संस्था में अलग-अलग राय और विचार होना सामान्य बात है। अंतिम निर्णय से पहले होने वाली चर्चा और सुझाव निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं।

5. कुछ नोट्स से पूरी तस्वीर नहीं
आयोग ने कहा कि कुछ आंतरिक नोट्स या टिप्पणियों को अलग से देखने पर पूरी तस्वीर सामने नहीं आती। पिछले एक साल में आयोग ने कई फैसले, निर्देश और करीब 40 नई पहल भी शुरू की हैं।

6. कई राज्यों में चुनावी कार्य
आयोग ने बिहार, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, असम और पश्चिम बंगाल में किए गए चुनावी कार्यों का उल्लेख किया। इन प्रक्रियाओं के दौरान आयोग की ओर से कई मंजूरियां और निर्देश जारी किए गए।

7. डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुरक्षा
ECI ने कहा कि ECINet सहित उसके डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डेटा सुरक्षा के लिए सख्त प्रोटोकॉल लागू हैं। अनधिकृत बदलाव और डेटा से छेड़छाड़ रोकने के लिए IT सिक्योरिटी चेक और ऑडिट किए जाते हैं।

8. संवैधानिक जिम्मेदारी के लिए प्रतिबद्ध
चुनाव आयोग ने कहा कि वह अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ निभा रहा है। आयोग ने लोकतांत्रिक और चुनावी व्यवस्था को मजबूत करना अपनी जिम्मेदारी बताया।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट सामने आने के बाद शुरू हुआ। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर कई बार आपत्ति दर्ज की थी।

रिपोर्ट के अनुसार, कुछ मामलों में दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से सवाल या आपत्तियां दर्ज किए जाने के बावजूद संबंधित फैसले आगे बढ़ाए गए। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि SIR और मतदाता सूची से जुड़े कुछ मामलों में आंतरिक स्तर पर मतभेद सामने आए थे।

हालांकि, चुनाव आयोग ने अपने प्रेस नोट में कहा है कि SIR समेत उसके सभी फैसले पूरे आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। आयोग ने अलग-अलग राय और आंतरिक टिप्पणियों को सामान्य संस्थागत प्रक्रिया बताया है।

इस तरह, मामले में एक तरफ रिपोर्ट में आंतरिक आपत्तियों और मतभेदों का दावा किया गया है, जबकि चुनाव आयोग का आधिकारिक पक्ष है कि अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए और आंतरिक सुझाव निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं।

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