उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने पार्टी में अपने सभी पदों से इस्तीफ़ा देने का ऐलान किया है। उनके इस फैसले के बाद राज्य की सियासत में हलचल तेज़ हो गई है और पार्टी नेतृत्व ने उनसे बातचीत की कोशिश शुरू कर दी है।
क्या कहा रावत ने
रावत ने संगठन के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का हवाला देते हुए कहा कि वे पार्टी नहीं छोड़ रहे, लेकिन पदों पर बने रहकर मौन नहीं रह सकते। उन्होंने कहा कि वे एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में काम करते रहेंगे।
सियासी मायने
- उत्तराखंड में कांग्रेस के सबसे बड़े जनाधार वाले चेहरों में से एक हैं रावत
- संगठन में गुटबाज़ी के सवाल फिर सतह पर आए
- आने वाले चुनावी समीकरणों पर असर पड़ने की संभावना
पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने कहा है कि यह अंदरूनी मामला है और आलाकमान जल्द हस्तक्षेप करेगा। वहीं विपक्षी दलों ने इसे कांग्रेस के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत बताया है।