अहमदाबाद: केंद्रीय विद्यालय में मना राष्ट्रीय हथकरघा दिवस, 370 विद्यार्थियों ने जाना बुनाई का हुनर
अहमदाबाद। केंद्रीय विद्यालय, ओएनजीसी, चांदखेड़ा में शुक्रवार को 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर हथकरघा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय के तत्वावधान में बुनकर सेवा केंद्र (WSC), अहमदाबाद की ओर से विद्यालय के मनोरंजन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के करीब 370 विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
अहमदाबाद। केंद्रीय विद्यालय, ओएनजीसी, चांदखेड़ा में शुक्रवार को 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर हथकरघा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय के तत्वावधान में बुनकर सेवा केंद्र (WSC), अहमदाबाद की ओर से विद्यालय के मनोरंजन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के करीब 370 विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। बुनकर सेवा केंद्र, अहमदाबाद के सहायक निदेशक (बु.) हीराभाई गोहिल ने अतिथियों, बुनकरों, विद्यार्थियों और शिक्षकों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हथकरघा भारत की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। युवा पीढ़ी को इसके महत्व को समझने के साथ ही इसके संरक्षण और प्रोत्साहन में योगदान देना चाहिए।
विद्यार्थियों ने लाइव देखा बुनाई और ब्लॉक प्रिंटिंग
कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए हथकरघा बुनाई और हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग की लाइव प्रदर्शनी लगाई गई। विद्यार्थियों ने कारीगरों और तकनीकी विशेषज्ञों से बातचीत कर पारंपरिक बुनाई तथा वस्त्र निर्माण की विभिन्न प्रक्रियाओं को करीब से समझा। लाइव डेमो को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
हथकरघा क्विज में विद्यार्थियों ने दिखाया ज्ञान
हथकरघा क्षेत्र के प्रति विद्यार्थियों की रुचि और जागरूकता बढ़ाने के लिए हथकरघा प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की गई। इसमें भारतीय हथकरघा परंपराओं, प्रसिद्ध हथकरघा उत्पादों, बुनाई तकनीकों और बुनकरों के योगदान से जुड़े सवाल पूछे गए। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
प्राचार्य ने WSC के प्रयासों को सराहा
मुख्य अतिथि एवं विद्यालय के प्राचार्य अशोक कुमार राठी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन के लिए बुनकर सेवा केंद्र, अहमदाबाद के प्रयासों की सराहना की। विद्यालय की उप-प्राचार्य उमा शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। वहीं बुनकर सेवा केंद्र, अहमदाबाद के सेवानिवृत्त सहायक निदेशक (डी.) मलयाशिस पाल भी विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि हथकरघा महज कपड़ा बनाने की कला नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध विरासत, शिल्पकला और सांस्कृतिक विविधता की जीवंत पहचान है। विद्यार्थियों को हथकरघा बुनकरों और कारीगरों के योगदान को समझने तथा इस पारंपरिक विरासत के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए आगे आने के लिए प्रेरित किया गया।
