बिहार में पहली बार मसूर की व्यवस्थित खरीद, अब तक 100 टन से अधिक की खरीदारी

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नयी दिल्ली{ गहरी खोज }: केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘आत्मनिर्भर दलहन मिशन’ के तहत शुरू की गई पहली व्यवस्थित दलहन खरीद पहल के अंतर्गत बिहार में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 100 टन से अधिक मसूर दाल की खरीद की गई है। यह खरीद पीएम-आशा (प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान) योजना की मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत की जा रही है, जो दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में सरकार के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार छत्तीसगढ़ में भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) ने 22 अप्रैल तक 9,039 टन चना और मसूर की खरीद की। दूसरी ओर भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नैफेड) ने इन दोनों दालों की 2,926 टन खरीद की है।
जमीनी स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियानों की मदद से ‘ई-संयुक्ति’ पोर्टल पर डिजिटल किसान पंजीकरण के माध्यम से छत्तीसगढ़ में खरीद ने गति पकड़ी है। धमतरी, दुर्ग, बालोद, बलौदाबाजार, रायपुर, रायगढ़ और सारंगढ़ सहित विभिन्न जिलों में 85 प्राथमिक कृषि ऋण समिति (पैक्स) केंद्रों का नेटवर्क सक्रिय है। परिचालन का विस्तार सरगुजा, कोंडागांव और कोरिया तक किया जाना तय है।
बिहार में एनसीसीएफ ने पहली बार मसूर की संगठित खरीद शुरू की है। इसमें केंद्रीय भंडारण निगम के सहयोग से संचालित गोदाम विकास एवं नियामक प्राधिकरण (डब्ल्यूडीआरए) द्वारा अनुमोदित गोदामों के माध्यम से भंडारण की सुविधा दी जा रही है।

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