गुजरात में नकली पनीर-चीज़ के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान
दो दिन में 842 प्रतिष्ठानों पर छापे, जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया की चेतावनी
अहमदाबाद: गुजरात सरकार ने आम जनता को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नकली डेयरी एनालॉग (पनीर एवं चीज़ एनालॉग) के खिलाफ राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन तथा स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया के निर्देश पर खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन (FDCA) की टीमों ने राज्यभर में व्यापक जांच और छापेमारी की।
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने स्पष्ट कहा कि जनता के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी और खाद्य कारोबारियों को केवल शुद्ध एवं प्रमाणित खाद्य सामग्री का ही उपयोग करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
दो दिन में 842 प्रतिष्ठानों की जांच
6 और 7 अगस्त 2026 को राज्यभर में कुल 842 व्यापारिक प्रतिष्ठानों की आकस्मिक जांच की गई। इस दौरान 1,705 किलोग्राम नकली डेयरी एनालॉग (पनीर/चीज़), जिसकी अनुमानित कीमत 5.28 लाख रुपये थी, जब्त कर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
शहरवार कार्रवाई
वडोदरा
6 अगस्त को वडोदरा नगर निगम क्षेत्र में सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 471 किलोग्राम नकली डेयरी एनालॉग जब्त कर नष्ट किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपये थी।
सूरत
दो दिनों की कार्रवाई में सूरत नगर निगम क्षेत्र से कुल 262 किलोग्राम नकली डेयरी एनालॉग जब्त किया गया। इसकी अनुमानित कीमत 58 हजार रुपये से अधिक रही।
राजकोट
राजकोट नगर निगम क्षेत्र में 115 किलोग्राम नकली डेयरी एनालॉग जब्त कर नष्ट किया गया, जिसकी कीमत 30 हजार रुपये से अधिक आंकी गई।
जूनागढ़
7 अगस्त को जूनागढ़ जिले में सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 585 किलोग्राम नकली डेयरी एनालॉग जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 2.04 लाख रुपये से अधिक थी।
जामनगर
जामनगर नगर निगम क्षेत्र से 29 किलोग्राम नकली डेयरी एनालॉग जब्त कर नष्ट किया गया, जिसकी कीमत लगभग 6,500 रुपये थी।
कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने कहा कि दूध, पनीर और चीज़ के नाम पर नकली उत्पाद बेचकर लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डालने वाले व्यापारियों और निर्माताओं के खिलाफ राज्य सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा तथा आगामी दिनों में भी पूरे गुजरात में इसी तरह की जांच और छापेमारी लगातार जारी रहेगी।
