होर्मुज संकट के लिए अमेरिका-इजराइल जिम्मेदार: ईरान
तेहरान{ गहरी खोज } : पश्चिम एशिया संघर्ष से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बुरी तरह प्रभावित होने के बीच, ईरान के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि तेहरान इस संकट से भारत और अन्य देशों को होने वाले नुकसान से ‘‘खुश नहीं’’ है, लेकिन इसके लिए अमेरिका व इजराइल जिम्मेदार हैं।
‘इंडिया टुडे’ को दिए एक साक्षात्कार में ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अमेरिका-इजराइल को उनके कृत्यों के लिए ‘‘जवाबदेह’’ ठहराना चाहिए, क्योंकि उन्होंने जो शुरू किया वह अभी भी जारी है।
जब उनसे पूछा गया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से भारत जैसे देश के व्यापक रूप से प्रभावित होने के बीच क्या वह इस संघर्ष का कोई अंत देखते हैं तो बकाई ने कहा, ‘‘आपको देखना होगा कि 28 फरवरी को क्या हुआ था। उससे पहले होर्मुज जलडमरूमध्य हर देश के लिए खुला था।’’
तेहरान में दिए गए इस साक्षात्कार में उन्होंने कहा, ‘‘ईरान को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कुछ कदम उठाने पड़े और मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि ईरान ने जो किया वह अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार जायज था। हमें अमेरिका और इजराइल जैसे आक्रमणकारियों का सामना करना पड़ा जो ईरान पर हमला करने के लिए अन्य खाड़ी देशों की जमीन का दुरुपयोग कर रहे थे। यह पूरी तरह गैरकानूनी था, यह आक्रमण का कृत्य था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए हमें जवाब देना पड़ा। इन आक्रमणकारियों को इस जलमार्ग का सैन्य हमले के लिए दुरुपयोग करने से रोकने के लिए हमें कदम उठाने पड़े। इसमें ईरान की कोई गलती नहीं है।’’ अमेरिका ने ईरान पर हमले को यह कहकर उचित ठहराया है कि तेहरान का परमाणु कार्यक्रम एक खतरा है।
बकाई ने कहा, ‘‘भारत और अन्य देशों में जो हो रहा है उससे हम खुश नहीं हैं, लेकिन यह स्थिति अमेरिका और इजराइल की वजह से पैदा हुई है। ईरान इस जलडमरूमध्य पर कई अन्य देशों से भी अधिक निर्भर है, क्योंकि हम एक तटीय देश हैं। हम इस जलमार्ग में सुरक्षा और शांति चाहते हैं।’’
