₹3,680 करोड़ का BKC बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट, मिट्टी का हिसाब नहीं दे रहा NHSRCL
क्या आप जानते हैं BKC बुलेट ट्रेन स्टेशन की लागत कितनी है? ₹3,680 करोड़… लेकिन सवाल है- खुदाई में निकली मिट्टी का हिसाब कहां है?
RTI में पूछा गया- कितनी मिट्टी निकली, कितने डंपर चले, कितना वजन हुआ और ढुलाई में कितना खर्च आया? NHSRCL और ठेकेदार के जवाब से सवाल और गहरा हुआ
मुंबई। जमीन के करीब 24 मीटर नीचे बन रहे बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) बुलेट ट्रेन स्टेशन के निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर खुदाई की गई है। लेकिन इस खुदाई से आखिर कितनी मिट्टी निकली और उसे कहां ले जाया गया, इसका पूरा आंकड़ा सामने नहीं आ सका है। इससे जुड़ी एक RTI में मिट्टी की कुल मात्रा, उसे बाहर ले जाने वाले ट्रक-डंपर, वाहनों के पंजीकरण नंबर, वेटब्रिज पर दर्ज वजन, वाहनों की प्रवेश-निकास एंट्री और परिवहन पर हुए खर्च जैसी जानकारी मांगी गई थी।
मामले में दिलचस्प मोड़ तब आया, जब मांगी गई कुछ जानकारियों को ठेकेदार HCC-MEIL संयुक्त उपक्रम की ओर से Commercial Confidence और Intellectual Property के दायरे में बताया गया। इसके आधार पर संबंधित जानकारी साझा करने से इनकार किया गया।
अपील के बाद भी नहीं मिला सीधा जवाब
RTI अपील के बाद नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने ठेकेदार से संबंधित जानकारी मांगी। हालांकि, जवाब में फिर उन्हीं आधारों का हवाला दिया गया और मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
RTI में Contractor Bills, Payment Vouchers और Invoice Details जैसी जानकारियां भी मांगी गई थीं। इनके संबंध में NHSRCL के जवाब में बताया गया कि संबंधित रिकॉर्ड उसके कार्यालय में उपलब्ध नहीं हैं।
मिट्टी का वजन ‘Commercial Secret’ कैसे?
यहीं से सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है—खुदाई से निकली मिट्टी की कुल मात्रा, वेटब्रिज पर दर्ज वजन या ट्रक-डंपर की आवाजाही का रिकॉर्ड आखिर किस तरह की व्यावसायिक गोपनीय जानकारी है? यदि निर्माण स्थल से बड़ी मात्रा में मिट्टी बाहर ले जाई गई है, तो उसके परिवहन से जुड़े वजन, वाहन प्रवेश-निकास और संबंधित रिकॉर्ड किसी न किसी स्तर पर दर्ज होने की उम्मीद स्वाभाविक है। ऐसे में सवाल यह है कि इन रिकॉर्ड के आधार पर परियोजना में निकली मिट्टी की वास्तविक मात्रा सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है?
₹3,680 करोड़ से ज्यादा की परियोजना, हिसाब कितना पारदर्शी?
BKC बुलेट ट्रेन स्टेशन से जुड़े इस पैकेज की लागत ₹3,680 करोड़ से अधिक है। इतनी बड़ी सार्वजनिक परियोजना में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। जनता यह जानना चाहती है कि स्टेशन की खुदाई में कितनी मिट्टी निकली, कितनी मात्रा में उसे परियोजना स्थल से बाहर ले जाया गया, कितने वाहनों का इस्तेमाल हुआ और इसके परिवहन पर कितना खर्च हुआ।यह सवाल किसी कंपनी की तकनीकी जानकारी या कारोबारी रहस्य से जुड़ा नहीं, बल्कि सार्वजनिक परियोजना में हुए निर्माण कार्य और उससे जुड़े रिकॉर्ड की पारदर्शिता से जुड़ा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—अगर मिट्टी की मात्रा और उसके परिवहन का पूरा हिसाब रिकॉर्ड में मौजूद है, तो उसे सार्वजनिक करने में परेशानी क्या है? आखिर ₹3,680 करोड़ से अधिक की इस परियोजना में BKC स्टेशन की खुदाई से कितनी मिट्टी निकली?
Megha Engineering & Infrastructures Ltd. (MEIL) और Hindustan Construction Company (HCC) को दिया गया है कॉन्ट्रैक्ट
मुंबई। BKC में बन रहे देश के पहले भूमिगत हाई-स्पीड रेल स्टेशन का निर्माण करीब ₹3,680.97 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट में MEIL-HCC Joint Venture को दिया गया है। इसमें Megha Engineering & Infrastructures Ltd. (MEIL) और Hindustan Construction Company (HCC) शामिल हैं। उपलब्ध Letter of Acceptance के अनुसार 13 मार्च 2023 को इस पैकेज का LoA जारी किया गया था। दस्तावेज में MEIL-HCC JV का पता S-2, Technocrat Industrial Estate, Balanagar, Hyderabad-500037, Telangana दिया गया है।
टेंडर में क्या-क्या काम?
यह केवल बीकेसी स्टेशन के निर्माण का ठेका नहीं है। इस पैकेज में भूमिगत हाई-स्पीड रेल स्टेशन का डिजाइन एवं निर्माण, सिविल कार्य, भवन निर्माण कार्य, कट एंड कवर सुरंग, शाफ्ट-1 तथा परीक्षण एवं कमीशनिंग का कार्य शामिल है। यह कार्य डबल लाइन हाई-स्पीड रेलवे के भूमिगत मुंबई स्टेशन के निर्माण से संबंधित है। कट एंड कवर सुरंग का हिस्सा एमएएचएसआर किलोमीटर (-) 0.255 से किलोमीटर 0.775 तक बताया गया है। यह अनुबंध डिजाइन-निर्माण एकमुश्त मूल्य आधार पर है। यानी स्टेशन का डिजाइन तैयार करने से लेकर उसके निर्माण तक की पूरी जिम्मेदारी ठेकेदार के कार्यक्षेत्र में शामिल है।
