एआई, ड्रोन और क्वांटम तकनीक से यूपी बनेगा देश का ‘डीप टेक कैपिटल’: सीएम योगी

0
full53729

लखनऊ { गहरी खोज }: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक पाती लिखकर इस दिन की विशेषता से अवगत कराया। उन्होंने 1998 के ‘ऑपरेशन शक्ति’ की उपलब्धियां याद करते हुए तकनीक को आत्मनिर्भरता का आधार बताया। उन्होंने एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन, क्वांटम और स्टार्टअप्स के माध्यम से उत्तर प्रदेश को ‘डीप टेक कैपिटल’ बनाने तथा युवाओं से नवाचार अपनाने की अपील की। सीएम योगी ने कहा, “हर वर्ष 11 मई को ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस’ मनाया जाता है। यह तिथि यूं ही नहीं चुनी गई। वर्ष 1998 में इसी दिन पोखरण में ‘ऑपरेशन शक्ति’ के अंतर्गत भारत ने तीन सफल परमाणु परीक्षण कर विश्व को अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा, तकनीकी आत्मविश्वास और राष्ट्रीय सामर्थ्य का बोध कराया। इसी दिन स्वदेशी विमान ‘हंस-3’ ने सफल उड़ान भरी, तो स्वदेशी ‘त्रिशूल’ मिसाइल का परीक्षण भी हुआ। तकनीक केवल विकास का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का सशक्त आधार है।” सीएम ने बताया, “प्रदेश सरकार इसी मंत्र पर आगे बढ़ रही है। आज तकनीक प्रयोगशाला से निकलकर खेत-खलिहान तक पहुंच गई है। इससे जनजीवन सुगम हुआ है। डीबीटी के माध्यम से पैसे हस्तांतरित हो रहे हैं। आज ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा इसी तकनीक का प्रतिफल है। उत्तर प्रदेश के सपूत शुभांशु शुक्ला ने गत वर्ष सफल अंतरिक्ष उड़ान से 140 करोड़ भारतीयों का सीना गर्व से चौड़ा किया, तो यह तकनीक का ही चमत्कार है। इससे हमें प्रेरणा लेनी चाहिए।”
उन्होंने कहा, “सशक्त युवा प्रदेश की समृद्धि का आधार हैं। इसी के दृष्टिगत रोबोटिक्स और एआई मिशन शुरू किया गया। डेटा सेंटर क्लस्टर की कार्यवाही गतिमान है। सरकार ‘टेक युवा-समर्थ युवा’ योजना के माध्यम से युवाओं को आधुनिकतम प्रशिक्षण सुनिश्चित कर रही है। ‘इनोवेट इन यूपी, स्केल फॉर द वर्ल्ड के मूलमंत्र के साथ हमारी सरकार ड्रोन, क्वांटम, ग्रीन हाइड्रोजन एवं मेड-टेक के क्षेत्र में प्रगति करते हुए यूपी को देश का ‘डीप टेक कैपिटल’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। तकनीक आधारित विकास की इस यात्रा में उत्तर प्रदेश आज आईटी पार्क, स्टार्टअप्स और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है। यहां ब्रह्मोस मिसाइल तक बन रही है।”
सीएम योगी ने कहा, “मेरे युवा साथियों, कुछ बातें मैं विशेष रूप से आपसे कहना चाहता हूं। तकनीक समय की तरह है। तकनीक के साथ नहीं चलना, समय से पिछड़ जाना है। तकनीक के साथ चलने का अर्थ सुदृढ़ वर्तमान एवं स्वर्णिम भविष्य की दिशा में अग्रसर होना है। नवीनतम तकनीक सीखें, नवाचार अपनाएं एवं आत्मनिर्भर प्रदेश के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *