उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्रियों ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर वैज्ञानिकों को दी शुभकामनाएं

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नई दिल्ली{ गहरी खोज }: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत कई अन्य मंत्रियों और राज्यो के मुख्यमंत्रियों ने आज देश के सभी वैज्ञानिकों, अभियंताओं , नवप्रवर्तकों और शोधकर्ताओं को शुभकामनाएं दी।
उपराष्ट्रपति ने एक्स संदेश में कहा कि 1998 में इस दिन पोखरण परीक्षण रेंज में किए गए परमाणु परीक्षणों ने दुनिया को भारत की उल्लेखनीय वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता से परिचित कराया, जो आत्मनिर्भरता और रणनीतिक ताकत की दिशा में देश की यात्रा में एक निर्णायक क्षण था। देश के लोगों की प्रतिभा और समर्पण के बल पर विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है। भारत राष्ट्रीय विकास और मानवता की प्रगति के लिए नई उपलब्धियां हासिल करता रहा।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि 11 मई 1998, वह ऐतिहासिक दिन, जब पोखरण (राजस्थान) की धरती से भारत ने दुनिया को अपनी वैज्ञानिक क्षमता, आत्मविश्वास और सामरिक शक्ति का परिचय कराया। पोखरान-II परमाणु परीक्षण आत्मनिर्भर, सशक्त और निर्णायक भारत के उदय की घोषणा थी। इस उपलब्धि ने भारत को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाई और हमारी सुरक्षा, संप्रभुता एवं तकनीकी सामर्थ्य को मजबूती प्रदान की।
बिरला ने कहा कि इस दिवस पर हम उन वैज्ञानिकों, इंजीनियर्स और हर उस भारतीय को नमन करते हैं, जिनके परिश्रम और संकल्प ने भारत को तकनीक एवं नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। चंद्रयान, मंगलयान से लेकर गगनयान, सेमीकंडक्टर से लेकर एआई और रक्षा उत्पादन से लेकर परमाणु ऊर्जा तक, भारत आज आत्मनिर्भरता और आधुनिक तकनीक के नए युग की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। आत्मनिर्भर, विकसित और तकनीकी रूप से समृद्ध भारत के हमारे संकल्प को और मजबूत करता है।
केंद्रीय गृह और सहकारितामंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार गेम-चेंजिंग पहलों के माध्यम से अपनी नवोन्मेषी क्षमता का उपयोग करके भारत के विकास को गति दे रहा है। यह दिन उनका लाभ उठाने और महानता की ओर हमारी यात्रा को और तेज करने के लिए प्रेरणा बने।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और शोधकर्ताओं के समर्पण, नवाचार और दृढ़ता को सलाम करते है जो भारत की प्रगति को आकार देने और देश की रणनीतिक क्षमताओं को मजबूत करने में लगे हुए हैं। वैज्ञानिकों और उनके प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं जिसके कारण 1998 में पोखरण परीक्षण सफल हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश प्रौद्योगिकी, नवाचार और स्वदेशी विकास में नई ऊंचाइयों को छू रहा है, एक मजबूत और भविष्य के लिए तैयार भारत का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में 1998 के पोखरण परीक्षण ने एक आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में भारत के साहसिक उदय को चिन्हित किया। केंद्रीय कृषिमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले सभी वैज्ञानिकों एवं तकनीकी विशेषज्ञों के समर्पण, नवाचार और अमूल्य योगदान को नमन। केंद्रीयमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि आज ही के दिन 1998 में पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण कर भारत ने पूरे विश्व में अपनी वैज्ञानिक क्षमता, सामर्थ्य और आत्मविश्वास का परचम लहराया था।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 1998 में पोखरण के ऐतिहासिक परमाणु परीक्षण (ऑपरेशन शक्ति) की अभूतपूर्व सफलता ने भारत के अदम्य सामरिक कौशल और तकनीकी सामर्थ्य का परचम पूरे विश्व में लहराया था। सभी का उत्कृष्ट अनुसंधान और नवाचार ‘नए भारत’ की आधारशिला को सदैव सुदृढ़ व सशक्त करता रहेगा। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कहा कि वैज्ञानिकों के अटूट निष्ठा और नवाचार की शक्ति से ही भारत आज वैश्विक तकनीकी जगत में नए आयाम स्थापित कर रहा है। वैज्ञानिकों का यही सामर्थ्य विकसित भारत के साझा संकल्प की सबसे बड़ी शक्ति है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रौद्योगिकी केवल विकास का माध्यम नहीं, बल्कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की सबसे बड़ी शक्ति बन चुकी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारत तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष अनुसंधान, 5जी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में देश तेजी से आत्मनिर्भर और विश्व के अग्रणी राष्ट्र के रूप में उभर रहा है।

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