चीन-थाईलैंड विदेश मंत्री परामर्श तंत्र की तीसरी बैठक संपन्न

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बीजिंग{ गहरी खोज }: चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने शुक्रवार को बैंकॉक में थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री सिहासक फुआंगकेटकेओ के साथ चीन-थाईलैंड विदेश मंत्री परामर्श तंत्र की तीसरी बैठक की। बैठक के दौरान वांग यी ने कहा कि पिछले वर्ष दोनों देशों ने राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ मनाई थी। थाईलैंड के राजा महा वजीरालोंगकोर्न ने अपनी पहली चीन यात्रा के दौरान शी चिनफिंग के साथ साझा भविष्य वाले चीन-थाईलैंड समुदाय के निर्माण पर महत्वपूर्ण सहमति बनाई थी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष चीन अपनी “15वीं पंचवर्षीय योजना” (2026–2030) के पहले वर्ष में प्रवेश कर चुका है, जबकि थाईलैंड की नई सरकार भी अपने कार्यकाल के शुरुआती चरण में है। चीन थाईलैंड के साथ मिलकर रणनीतिक सहमति को लागू करना चाहता है तथा अपने-अपने आधुनिकीकरण और वास्तविक बहुपक्षवाद को बढ़ावा देना चाहता है।
वांग यी ने आगे कहा कि चीन, थाईलैंड को अपनी पड़ोसी कूटनीति में महत्वपूर्ण स्थान देता है। दोनों देश आपसी सम्मान, समानता और सहयोग के आधार पर संबंधों को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि थाईलैंड चीन के शांतिपूर्ण पुनर्मिलन का समर्थन जारी रखेगा। दोनों पक्षों ने उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान बनाए रखने, सीमा-पार अपराधों से निपटने और वैश्विक पहलों को मिलकर आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
इसके अलावा वांग यी ने यह भी कहा कि चीन अंतरराष्ट्रीय विवादों को बल के बजाय संवाद के माध्यम से सुलझाने का समर्थक है। उन्होंने थाईलैंड और कंबोडिया से संयम बरतने, वार्ता का अनुकूल वातावरण बनाने और सीमा विवाद को जल्द सुलझाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चीन दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली के लिए मंच उपलब्ध कराने को तैयार है।
वहीं, थाईलैंड के उप-प्रधानमंत्री सिहासक फुआंगकेटकेओ ने कहा कि उनका देश चीन के साथ अपने संबंधों को अत्यधिक महत्व देता है और “एक चीन” सिद्धांत का दृढ़ता से पालन करता है। उन्होंने कहा कि थाईलैंड, चीन के साथ संपर्क, व्यापार, ऑनलाइन जुआ और धोखाधड़ी के खिलाफ सहयोग को और मजबूत करेगा। दोनों पक्षों ने लैनकांग–मेकोंग सहयोग और पूर्वी एशियाई क्षेत्रीय सहयोग पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

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