मुंबई।आज हम आपको पश्चिम रेलवे के मुंबई मुख्यालय से जुड़े एक ऐसे टेंडर का खुलासा करने जा रहे हैं, जिसकी खरीद प्रक्रिया रेलवे के अपने दस्तावेजों के आधार पर कई सवाल खड़े करती है। मामला सिर्फ खरीद की कीमत तक सीमित नहीं है, बल्कि ESTIMATE BUDGET तैयार करने से लेकर Tender जारी करने और आखिर में खरीद का फैसला लेने तक पूरी प्रक्रिया जांच के घेरे में दिखाई देती है।
मामला EMU ट्रेनों में इस्तेमाल होने वाले ‘अर्थ रिटर्न ब्रश डिवाइस’ की 1,474 पीस खरीद से जुड़ा है। रेलवे ने गत जनवरी 2026 को 1,474 पीस अर्थ रिटर्न ब्रश डिवाइस असेंबली की खरीद के लिए टेंडर निकाला था, जिसमें कई कंपनियों ने बोली लगाई। RTI दस्तावेजों के मुताबिक सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी फेरो इंडिया कंपोनेंट्स प्राइवेट लिमिटेड की बिडिंग प्राइस ₹ 28,320 प्रति पीस थी, लेकिन उसे ऑर्डर नहीं मिला। इसके बजाय L4 पर रही सेठ ट्रेडर्स प्राइवेट लिमिटेड को पर्चेज ऑर्डर जारी किया गया, जिसने टेंडर में ₹38,606.06 प्रति पीस का रेट फाइल किया था । L1 कंपनी फेरो इंडिया कंपोनेंट्स प्राइवेट लिमिटेड की रेट और सेठ ट्रेडर्स के रेट में काफी अंतर है। 1,474 पीस की पूरी खरीद में यह अंतर करीब ₹1.52 करोड़ का बनता है। यानी L1 के मुकाबले ज्यादा रेट पर खरीद होने से रेलवे को करीब ₹1.52 करोड़ के आसपास ज्यादा चुकाने पड़े।
सबसे कम बिडिंग रेट वाली कंपनी को नहीं मिला टेंडर,
RTI से मिले पश्चिम रेलवे के दस्तावेज के अनुसार, पांच कंपनियों ने अपनी बिडिंग रेट फाइल की थी। Ferro India Components Pvt. Ltd. ने सबसे कम ₹28,320 प्रति पीस का बिडिंग रेट दिया और वह L1 रही। इसके बाद Bajaj All Enterprises ने ₹35,105, Cebil Energy India Pvt. Ltd. ने ₹38,038.008, Seth Traders Pvt. Ltd. ने ₹38,606.06 और Kamlesh Industries ने ₹41,300 प्रति पीस का बिडिंग रेट फाइल किया।
दस्तावेज के अनुसार, L1 रही Ferro India Components Pvt. Ltd. को टेंडर नहीं दिया गया, जबकि उसकी बिडिंग रेट बाकी कंपनियों की तुलना में सबसे कम थी। वहीं Seth Traders की बिडिंग रेट ₹38,606.06 प्रति पीस थी और वह L4 पर रही।

एस्टिमेट में ₹27,541, टेंडर में ₹38,606—रेट बढ़ने पर सवाल
वेस्टर्न रेलवे ने अर्थ रिटर्न ब्रश डिवाइस असेंबली की खरीद से पहले सेठ ट्रेडर्स से बजटरी कोट लिया था। इस बजटरी कोट में सेठ ट्रेडर्स ने ₹27,541 प्रति पीस का रेट दिया गया था। यानी खरीद की शुरुआती तैयारी में इसी रेट को आधार बनाया गया था।
इसके बाद जब टेंडर हुआ तो सेठ ट्रेडर्स ने ₹38,606.06 प्रति पीस का बिडिंग रेट फाइल किया। यानी जिस कंपनी ने पहले ₹27,541 का रेट बताया था, उसी ने टेंडर में अपना रेट बढ़ाकर ₹38,606.06 कर दिया। इस हिसाब से दोनों रेट के बीच का अंतर करीब ₹1.63 करोड़ बैठता है। यानी आम भाषा में समझें तो पहले ₹27,541 का रेट बताया गया, लेकिन टेंडर के समय यही रेट बढ़कर ₹38,606.06 हो गया।
L1 को टेंडर नहीं देने का कारण नहीं बता रहे अधिकारी
आरटीआई के जरिए बार-बार जानकारी मांगे जाने के बावजूद वेस्टर्न रेलवे के अधिकारी/सीपीआईओ अमन जैन (DY-CMM STORE ) यह स्पष्ट नहीं कर रहे हैं कि सबसे कम बिडिंग रेट देने वाली L1 कंपनी को टेंडर क्यों नहीं दिया गया। यदि L1 को टेंडर नहीं देने का कारण सार्वजनिक हो जाए, तो इस पूरी टेंडर प्रक्रिया की वास्तविक तस्वीर भी सामने आ सकती है और कई अहम सवालों के जवाब मिल सकते हैं।
जनता के टैक्स के पैसे पर उठे गंभीर सवाल
यह मामला सीधे आम जनता के टैक्स के पैसे से जुड़ा है। जब सरकारी खरीद में सबसे कम L1 रेट देने वाली कंपनी को टेंडर नहीं मिला, तो इसका कारण स्पष्ट होना जरूरी है। वहीं दूसरी कंपनी के रेट में एस्टिमेट की तुलना में बड़ा अंतर सामने आया है। ऐसे में पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी हो जाती है।
कहीं टैक्सपेयर के पैसे का नुकसान तो नहीं हुआ, यह जांच का विषय है। यदि किसी तरह की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार हुआ है, तो उसकी जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई होनी चाहिए।
अर्थ रिटर्न ब्रश डिवाइस असेंबली क्या होती है?
अर्थ रिटर्न ब्रश डिवाइस असेंबली EMU ट्रेन के इलेक्ट्रिकल सिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। इसका काम ट्रेन में बहने वाले इलेक्ट्रिक करंट को सुरक्षित तरीके से वापस इलेक्ट्रिकल सिस्टम की ओर भेजने में मदद करना होता है। आसान भाषा में समझें तो ट्रेन को बिजली मिलने के बाद करंट को वापस जाने के लिए भी एक रास्ता चाहिए। यह डिवाइस उसी रिटर्न करंट के रास्ते का हिस्सा होती है। इसमें ब्रश और अन्य इलेक्ट्रिकल पार्ट्स होते हैं, जो घूमने वाले हिस्से और इलेक्ट्रिकल सर्किट के बीच विद्युत संपर्क बनाए रखने में मदद करते हैं। यह ट्रेन के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में करंट की सुरक्षित वापसी और लगातार इलेक्ट्रिकल कनेक्शन बनाए रखने वाला उपकरण है।
STORY BY NARENDRA GUPTA
