नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत हो गई है। 12 और 13 सितंबर को चलने वाले इस सम्मेलन में 11 सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष हिस्सा ले रहे हैं। भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और ऐसे समय में मेज़बानी कर रहा है जब दुनिया कई गंभीर भू-राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों से गुज़र रही है।
सात साल बाद भारत आए शी जिनपिंग
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का विमान सुबह पालम एयरपोर्ट पर उतरा। सात साल बाद उनका यह भारत दौरा कूटनीतिक लिहाज़ से बेहद अहम माना जा रहा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम भी सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं।
एजेंडे में क्या-क्या
- सदस्य देशों के बीच व्यापार और स्थानीय मुद्राओं में लेन-देन बढ़ाना
- ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति शृंखलाओं को झटकों से बचाना
- बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार और वैश्विक दक्षिण की भागीदारी
- जलवायु वित्त, डिजिटल सहयोग और आतंकवाद के विरुद्ध साझा रुख
द्विपक्षीय बैठकों का दौर
सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कर रहे हैं। अबू धाबी के क्राउन प्रिंस के साथ उनकी मुलाकात हो चुकी है, जिसमें निवेश, ऊर्जा और प्रवासी भारतीयों से जुड़े मुद्दों पर बात हुई। शी जिनपिंग के साथ प्रस्तावित बैठक पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
सुरक्षा के मद्देनज़र राजधानी में कड़े इंतज़ाम किए गए हैं और दिल्ली पुलिस ने विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। सम्मेलन के समापन पर संयुक्त घोषणापत्र जारी किए जाने की उम्मीद है।
