लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने और पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग पर केंद्र सरकार के साथ हुई ताज़ा वार्ता बेनतीजा रही। बातचीत विफल होने के बाद स्थानीय संगठनों ने 19 से 24 सितंबर तक कारगिल से लेह तक पदयात्रा निकालने और आंदोलन तेज़ करने की चेतावनी दी है।
क्या हैं मुख्य मांगें
- लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची के दायरे में लाया जाए
- केंद्रशासित प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा मिले
- स्थानीय युवाओं के लिए नौकरियों में आरक्षण और भर्ती कैलेंडर
- लेह और कारगिल के लिए अलग-अलग लोकसभा सीटें
गतिरोध की वजह
संगठनों का कहना है कि बैठकों का दौर लंबा चला, लेकिन ठोस लिखित आश्वासन नहीं मिला। दूसरी ओर सरकार का पक्ष है कि रोज़गार, बुनियादी ढांचे और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई प्रस्तावों पर काम आगे बढ़ा है और संवैधानिक मुद्दों पर विचार जारी है।
स्थानीय प्रशासन ने पदयात्रा के मद्देनज़र कानून-व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। सर्दियों से पहले का यह महीना लद्दाख में आवाजाही के लिहाज़ से अहम होता है, ऐसे में आंदोलन का असर पर्यटन और आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।