पाकिस्तान की नापाक नीति
- इरविन खन्ना
संपादकीय { गहरी खोज }: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान की नापाक नीति और ऑपरेशन सिन्दूर का उल्लेख करते हुए कहा कि आतंकवाद के केंद्र अब सजा पाने से बच नहीं सकते। राजनाथ ने पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के पीड़ितों को याद करते हुए कहा कि उस नरसंहार ने पूरी मानवता को झकझोर दिया था। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिये भारत ने अपना दृढ़ संकल्प दिखा दिया कि आतंकवाद के गढ़ अब न्यायोचित दंड से अछूते नहीं रहेंगे। रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि एससीओ को उन लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने में हिचकिचाना नहीं चाहिए जो आतंकवादियों को उकसाते हैं, पनाह देते हैं और सुरक्षित ठिकाने मुहैया कराते हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद उभरती हुई विश्व व्यवस्था के लिए सबसे गंभीर खतरा है। आतंकवाद-रोधी सहयोग एससीओ का एक बुनियादी सिद्धांत रहा है। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दुनिया को राज्य प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद की अनदेखी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि यह किसी भी देश की संप्रभुता पर सीधा हमला है। आंतकवाद के मुद्दे पर किसी भी तरह के दोहरे मानदंड के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। आतंकवाद की न तो कोई राष्ट्रीयता होती है और न ही विचारधारा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि कोई भी शिकायत, चाहे वह वास्तविक हो या काल्पनिक, आतंकवाद और मानवीय क्षति का बहाना नहीं बन सकती।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान की नापाक नीतियों और नकारात्मक सोच को लेकर जो कहा वह सत्य है, उसको नाकारा नहीं जा सकता। पाकिस्तान के निशाने पर कश्मीर के बाद पंजाब ही है। कश्मीर में आतंकवादियों के माध्यम से अपने नापाक इरादों को अंजाम दे रहा है। पंजाब में वह तस्करों के माध्यम से अवैध हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी कराकर पंजाब की युवा पीढ़ी का वर्तमान और भविष्य दोनों बर्बाद कर रहा है। पंजाब में खालिस्तानियों के माध्यम से जहां अलगाववाद और कट्टरवाद को बढ़ावा देने की योजना पर कार्य कर रहा है वहीं हिंसक घटनाओं और बम धमाकों से पंजाब की कानून व्यवस्था को भी चुनौती दे रहा है।
शंभू-राजपुरा ट्रैक पर हुए ब्लास्ट के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और खालिस्तानियों के गठबंधन को ही दर्शाता है। प्रदेश और देश की सरकारों को पाकिस्तान की नकारात्मक नीति और सोच को देखते हुए एक योजनाबद्ध तरीके से पाकिस्तान को जवाब देना चाहिए। इस मामले में दिखाई उदासीनता देश, विशेषता पंजाब के लिए घातक साबित होगी।
पंजाब सरकार द्वारा ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ और गैंगस्टरों के विरुद्ध जो अभियान पिछले समय से चलाया हुआ है उन अभियानों में सामने आये तथ्यों से पाकिस्तान कैसे ड्रोन के माध्मय से पंजाब में अवैध हथियार और मादक पदार्थों को पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार फेंक रहा है, का पता चलता है। राज्य के वर्तमान और भविष्य दोनों को पाकिस्तान की नापाक नीति से बचाने के लिए केंद्र सरकार को युद्ध स्तर पर कदम उठाने होंगे। पंजाब सरकार को अपनी युवा पीढ़ी के भविष्य को सम्मुख रखते हुए स्वयं व केंद्र सरकार के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना होगा। पाकिस्तान की नापाक नीतियों के प्रति उदासीनता दिखाना प्रदेश और देश दोनों के लिए घातक साबित होगा।
