सूरत में एसीबी की बड़ी कार्रवाई : कार्यपालक इंजीनियर और पत्रकार पर रिश्वत का मामला दर्ज

0
c3ce3a3e300590e6ab0fb7939fe56427

सूरत{ गहरी खोज }: गुजरात भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सूरत में बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए रिश्वतखोरी के मामले का पर्दाफाश किया है। इस मामले में सूरत महानगरपालिका के कार्यपालक इंजीनियर और एक पत्रकार को आरोपित बनाया गया है। आरोपित नंबर (1) विपुल शशिकांतभाई गणेशवाला, कार्यपालक इंजीनियर (वर्ग-1), लिम्बायत जोन, सूरत महानगरपालिका और आरोपित नंबर (2) महमद इस्माइल उर्फ परवाना जमीलखान पठाण, ‘निष्पक्ष गुजरात’ दैनिक से जुड़े पत्रकार हैं। यह शिकायत एक जागरूक नागरिक द्वारा दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता के संतोष सब-इंडस्ट्रियल प्लॉट नंबर 134-135 पर बने निर्माण को लेकर नगर निगम द्वारा पहले नोटिस जारी किया गया था और 13 फरवरी 2026 को डिमोलिशन की कार्रवाई भी शुरू की गई थी। इस दौरान ₹1.70 लाख डिमोलिशन चार्ज भी वसूला गया था।
आरोप है कि निर्माण कार्य न तोड़ने के बदले आरोपित इंजीनियर ने अपने परिचित पत्रकार के माध्यम से ₹21 लाख की रिश्वत की मांग की, जो बाद में बातचीत के बाद ₹15 लाख पर तय हुई। योजना के तहत 19 फरवरी को ₹4 लाख और शेष ₹11 लाख बाद में देने की बात तय की गई थी।शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने एसीबी सूरत से संपर्क किया। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप का आयोजन किया। ट्रैप के दौरान आरोपित पत्रकार ने ₹4 लाख की राशि स्वीकार की, लेकिन शक होने पर वह रकम लेकर मौके से फरार हो गया। वहीं मुख्य आरोपित इंजीनियर मौके पर नहीं मिला। एसीबी ने दोनों आरोपितों के खिलाफ पद का दुरुपयोग कर आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार आरोपित की तलाश जारी है।
इस कार्रवाई को पुलिस इंस्पेक्टर के.जे. धडुक के नेतृत्व में अंजाम दिया गया, जबकि आर.आर. चौधरी (सहायक निदेशक, एसीबी सूरत) ने सुपरविजन किया। पूरी कार्रवाई की निगरानी बलदेव देसाई ( आईपीएस), डिप्टी डायरेक्टर, वडोदरा रेंज द्वारा की गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *