प्राकृतिक खेती से विकसित भारत का लक्ष्य होगा साकार : मुख्यमंत्री
कानपुर{ गहरी खोज },: विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए समृद्ध किसान, आत्मनिर्भर गांव और स्वस्थ समाज की आवश्यकता है। भारत तभी विकसित राष्ट्र बनेगा जब गांवों का समग्र विकास होगा और लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा। यह बातें उन्होंने गुरुवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026 में कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गोवंश संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 7700 से अधिक गौशालाओं में 14 लाख से ज्यादा गोवंश संरक्षित हैं। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में किसानों और पशुपालकों को जोड़ा गया है तथा उन्हें आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कृषि अवशेषों और पराली के बेहतर उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि इनका उपयोग कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी), एथेनॉल तथा अन्य ऊर्जा स्रोतों के उत्पादन में किया जा सकता है। इससे किसानों को अतिरिक्त आय मिलने के साथ देश ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी आगे बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय संसाधनों के अधिकतम उपयोग और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विभिन्न संस्थाओं, किसान उत्पादक संगठनों और संबंधित विभागों से जनजागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया तथा कृषक दुर्घटना बीमा योजना के लाभार्थियों को सहायता राशि के चेक वितरित किए।
इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, सांसद रमेश अवस्थी, महापौर प्रमिला पांडेय, विधायक नीलिमा कटियार, विधायक सुरेंद्र मैथानी, विधायक महेश त्रिवेदी, विधायक अभिजीत सिंह सांगा, राहुल बच्चा सोनकर, विधायक सरोज कुरील, विधान परिषद सदस्य अरुण पाठक, जिला पंचायत अध्यक्ष, गोसेवा आयोग के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधिगण, मंडलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन, पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
