गुजरात में बढ़ा सिंहों का कुनबा, संख्या 891 पहुंची
वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुनभाई मोढवाडिया ने कहा कि गिर के बाद बरडा अब सिंहों का दूसरा घर बन रहा है। वर्ष 2023 में पहले सिंह के पहुंचने के बाद अब यहां 26 सिंह रह रहे हैं।
विश्व सिंह दिवस: गुजरात में 891 हुए एशियाई सिंह, 143 साल बाद बरडा बना दूसरा घर
पोरबंदर, 10 अगस्त। विश्व सिंह दिवस पर पोरबंदर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल गांधीनगर से वर्चुअल रूप से जुड़े। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और वन विभाग की सक्रिय पहल से गिर के एशियाई सिंहों के संरक्षण की सफलता की कहानी अब वैश्विक पहचान बना चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुक्त अवस्था में रहने वाले एशियाई सिंहों का दुनिया में एकमात्र घर गुजरात है। सिंहों के संरक्षण के प्रति राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से उनकी संख्या बढ़कर 891 हो गई है। गुजरात ने आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान, जनभागीदारी और प्रभावी प्रशासन को आधार बनाकर वन्यजीव संरक्षण का मॉडल तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों ने सिंहों के साथ सह-अस्तित्व को स्वीकार किया है। इसी का परिणाम है कि पिछले ढाई दशकों में सिंहों का विचरण क्षेत्र तीन जिलों से बढ़कर 11 जिलों तक पहुंच गया है। वहीं, 143 साल बाद बरडा डुंगर क्षेत्र में सिंहों ने फिर अपना ठिकाना बनाया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंहों के आवास के संरक्षण और पुनर्स्थापना, स्थानीय समुदाय की भागीदारी तथा पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन के लिए केंद्र सरकार ने प्रोजेक्ट लायन शुरू किया है। उन्होंने कहा कि सिंहों का संरक्षण केवल उनकी संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि पूरे इकोसिस्टम को सुरक्षित रखने का प्रयास है।
बरडा में 26 सिंह, सफारी पार्क भी बनेगा
वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुनभाई मोढवाडिया ने कहा कि गिर के बाद बरडा अब सिंहों का दूसरा घर बन रहा है। वर्ष 2023 में पहले सिंह के पहुंचने के बाद अब यहां 26 सिंह रह रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बरडा अभयारण्य में जंगल सफारी के बाद करीब 270 हेक्टेयर क्षेत्र में सफारी पार्क विकसित करने की योजना है। मोकर सागर और मेढाक्रिक को पक्षी अभयारण्य के रूप में विकसित किया जा रहा है। मोकर सागर को रामसर साइट का दर्जा दिलाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
मोढवाडिया ने कहा, “यदि वन्यसृष्टि टिकेगी, तभी मानवजाति टिक सकेगी।” उन्होंने नागरिकों और पर्यटकों से सिंहों को न छेड़ने और वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की।
कार्यक्रम में पेट्रोलिंग बाइक और रेस्क्यू वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। समारोह में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय गणमान्य लोग मौजूद रहे।
