कोझिकोड में ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ खोलने को लेकर विवाद से तनाव, चुनाव में हेरफेर की आशंका
कोझिकोड{ गहरी खोज }: सोमवार को कोझिकोड जिले के वेल्लिमाडुकुन्नू क्षेत्र में उस समय थोड़ी देर के लिए तनाव और भ्रम की स्थिति बन गई जब कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने एक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जिस स्ट्रॉन्ग रूम में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) रखी गई हैं, उसे खोला गया है।
इन आरोपों के सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी या हेरफेर की आशंका जताई। उनका कहना था कि स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और इस पूरे मामले की विस्तृत जांच होनी चाहिए। यह विवाद कोझिकोड के जेडीटी इस्लाम कॉलेज में बने स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर है, जहां जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों की ईवीएम मशीनें कड़ी सुरक्षा के बीच रखी गई हैं। इस स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से ही निगरानी रखी जा रही है।
यूडीएफ नेताओं, (कांग्रेस सांसद एमके राघवन और जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रवीण कुमार शामिल) ने आरोप लगाया कि स्ट्रॉन्ग रूम का खुलना सुरक्षा में बड़ी चूक का संकेत हो सकता है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी तरह की छेड़छाड़ की संभावना को रोकने के लिए स्ट्रॉन्ग रूम का नियंत्रण केंद्रीय सुरक्षा बलों को सौंपा जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने स्ट्रॉन्ग रूम के आसपास के कमरों को पूरी तरह सील करने की भी मांग की।
हालांकि, चुनाव अधिकारियों ने इन सभी आरोपों को तुरंत खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित और सील है और ईवीएम मशीनों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं हुई है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा रखें।
कोझिकोड जिले के वेल्लिमाडुकुन्नू क्षेत्र में स्ट्रॉन्गरूम को लेकर उठे विवाद के बीच अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने बताया कि जिस कमरे के खुलने की बात सामने आई थी, वह वास्तव में स्ट्रॉन्ग रूम नहीं था, बल्कि एक अलग ‘सामग्री कक्ष’ था, जिसका उपयोग चुनाव से संबंधित सामग्री रखने के लिए किया जाता है।अधिकारियों के अनुसार, यह सामग्री कक्ष नियमित जांच प्रक्रिया के तहत पेराम्ब्रा विधानसभा क्षेत्र के लिए खोला गया था। यह निरीक्षण सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा था और इसे सभी संबंधित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में किया गया था, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
पेराम्ब्रा विधानसभा क्षेत्र से यूडीएफ की उम्मीदवार फातिमा तेहलिया ने कहा कि उन्हें इस कमरे को खोलने की जानकारी पहले ही दे दी गई थी। लेकिन, जब वह मौके पर पहुंचीं, तब तक निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। इसी वजह से कुछ भ्रम की स्थिति पैदा हो गई और गलतफहमी फैल गई।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पूरा विवाद केवल एक गलत समझ का परिणाम था। जिस कमरे को लेकर सवाल उठाए गए थे, उसे स्ट्रॉन्ग रूम समझ लिया गया, जबकि वह वास्तव में सामग्री कक्ष था। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि स्ट्रॉन्गरूम, जहां ईवीएम मशीनें सुरक्षित रखी गई हैं, पूरी तरह सुरक्षित और सील हैं।
