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रविवार, 13 सितंबर 2026

इसरो की बड़ी कामयाबी: ‘नॉटी बॉय’ GSLV-F17 ने EOS-05 को कक्षा में पहुंचाया

करीब 2,367 किलो वज़नी उपग्रह आपदा प्रबंधन और कृषि निगरानी में निभाएगा अहम भूमिका

इसरो की बड़ी कामयाबी: ‘नॉटी बॉय’ GSLV-F17 ने EOS-05 को कक्षा में पहुंचाया
करीब 2,367 किलो वज़नी उपग्रह आपदा प्रबंधन और कृषि निगरानी में निभाएगा अहम भूमिका (फ़ोटो: Indian Space Research Organisation, GODL-India, Wikimedia Commons)

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने GSLV-F17 रॉकेट के ज़रिए EOS-05 अर्थ ऑब्ज़र्वेशन सैटेलाइट को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित कर दिया। प्रक्षेपण 4 सितंबर 2026 को तड़के दूसरे लॉन्च पैड से हुआ।

मिशन की ख़ास बातें

  • उपग्रह का वज़न लगभग 2,367 किलोग्राम
  • आपदा प्रबंधन और कृषि निगरानी में उपयोग
  • बादलों और मौसम की परवाह किए बिना पृथ्वी की निगरानी की क्षमता
  • सीमाओं और तटीय क्षेत्रों पर नज़र रखने में सहायक

‘नॉटी बॉय’ ने फिर जीता भरोसा

GSLV को अपने शुरुआती वर्षों में असफलताओं के कारण वैज्ञानिकों ने अनौपचारिक रूप से ‘नॉटी बॉय’ कहना शुरू कर दिया था। लगातार सफल मिशनों ने अब इस रॉकेट की विश्वसनीयता पर मुहर लगा दी है, जो भारी उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए बेहद अहम है।

इसरो के मुताबिक उपग्रह से मिलने वाले आंकड़े बाढ़, चक्रवात और सूखे जैसी आपदाओं के पूर्वानुमान और राहत योजना बनाने में सीधे काम आएंगे।

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राहुल देशमुख · संवाददाता — खेल व तकनीक

खेल, तकनीक और विज्ञान की खबरों पर रिपोर्टिंग। आंकड़ों और तथ्यों पर आधारित लेखन में रुचि।

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