Gahari Khoj News
रविवार, 13 सितंबर 2026

ब्रिक्स सम्मेलन से कारोबारी उम्मीदें: स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और निवेश गलियारों पर ज़ोर

भारतीय उद्योग जगत को नए बाज़ार और आपूर्ति शृंखला में हिस्सेदारी की आस

ब्रिक्स सम्मेलन से कारोबारी उम्मीदें: स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और निवेश गलियारों पर ज़ोर
भारतीय उद्योग जगत को नए बाज़ार और आपूर्ति शृंखला में हिस्सेदारी की आस (फ़ोटो: Isingo Raphael, CC BY-SA 4.0, Wikimedia Commons)

नई दिल्ली में हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से भारतीय उद्योग जगत को ठोस कारोबारी नतीजों की उम्मीद है। सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने और निवेश गलियारे खोलने के प्रस्तावों पर चर्चा हो रही है।

उद्योग की प्राथमिकताएं

  • भुगतान प्रक्रिया सरल हो और लेन-देन लागत घटे
  • मानकों और प्रमाणन में आपसी मान्यता
  • फार्मा, आईटी सेवाओं और इंजीनियरिंग सामान के लिए बाज़ार पहुंच
  • कृषि उत्पादों के निर्यात पर गैर-शुल्क बाधाओं में कमी

छोटे कारोबार को भी मौका

निर्यातक संगठनों का कहना है कि बड़े समझौतों का लाभ तभी है जब छोटे और मझोले उद्यमों को भी आपूर्ति शृंखला में जगह मिले। इसके लिए ऋण, प्रमाणन और लॉजिस्टिक्स में सहयोग ज़रूरी है।

विश्लेषकों का कहना है कि घोषणाओं से ज़्यादा अहम यह होगा कि सहमति के बिंदु कितनी जल्दी नीतिगत कदमों में बदलते हैं।

इस खबर को शेयर करें
सुनीता राठौड़ · वरिष्ठ संवाददाता, मुंबई

मुंबई और महाराष्ट्र की खबरों पर एक दशक से रिपोर्टिंग। शहर, प्रशासन और नीति से जुड़े मुद्दों पर लिखती हैं।

और देखें: सुनीता राठौड़ →