नई दिल्ली में हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से भारतीय उद्योग जगत को ठोस कारोबारी नतीजों की उम्मीद है। सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने और निवेश गलियारे खोलने के प्रस्तावों पर चर्चा हो रही है।
उद्योग की प्राथमिकताएं
- भुगतान प्रक्रिया सरल हो और लेन-देन लागत घटे
- मानकों और प्रमाणन में आपसी मान्यता
- फार्मा, आईटी सेवाओं और इंजीनियरिंग सामान के लिए बाज़ार पहुंच
- कृषि उत्पादों के निर्यात पर गैर-शुल्क बाधाओं में कमी
छोटे कारोबार को भी मौका
निर्यातक संगठनों का कहना है कि बड़े समझौतों का लाभ तभी है जब छोटे और मझोले उद्यमों को भी आपूर्ति शृंखला में जगह मिले। इसके लिए ऋण, प्रमाणन और लॉजिस्टिक्स में सहयोग ज़रूरी है।
विश्लेषकों का कहना है कि घोषणाओं से ज़्यादा अहम यह होगा कि सहमति के बिंदु कितनी जल्दी नीतिगत कदमों में बदलते हैं।