वडनगर में अब विरासत की सवारी कराएंगे हेरिटेज ऑटो, पुराने रिक्शा को दिया जा रहा ऐतिहासिक लुक
गांधीनगर, 11 अगस्त। वडनगर घूमने आने वाले पर्यटकों को अब शहर की ऐतिहासिक विरासत की झलक ऑटो रिक्शा में भी देखने को मिलेगी। गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (जीएसएफसी) ने सीएसआर फंड के तहत पुराने ऑटो रिक्शा को हेरिटेज लुक देने की पहल शुरू की है। इसके लिए पर्यटन और परिवहन विभाग की ओर से लॉजिस्टिक सहयोग दिया जा रहा है।
वडनगर में फिलहाल 300 से अधिक ऑटो रिक्शा पंजीकृत हैं। योजना के तहत पुराने ऑटो को वडनगर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप नया रूप दिया जा रहा है। एक ऑटो के रेट्रोफिटमेंट पर 50 हजार रुपए से अधिक खर्च किए जा रहे हैं।
पहले चरण में 21 ऑटो तैयार
योजना के पहले चरण में 21 ऑटो चालकों ने आवेदन किया था। इन सभी ऑटो का रेट्रोफिटमेंट पूरा हो चुका है। नए लुक वाले ऑटो न केवल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेंगे, बल्कि इनके जरिए शहर के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों और वडनगर की विरासत की जानकारी भी पर्यटकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
ऑटो चालकों की आय बढ़ाने पर भी जोर
सरकार का उद्देश्य केवल वडनगर को पर्यटन के लिहाज से आकर्षक बनाना ही नहीं, बल्कि स्थानीय ऑटो चालकों की आमदनी बढ़ाना भी है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से हेरिटेज ऑटो चालकों को अधिक यात्राएं मिलने की उम्मीद है।
रजिस्ट्रेशन अभी जारी
इस योजना में अधिक से अधिक ऑटो चालकों को जोड़ने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया जारी है। जो चालक अपने ऑटो को वडनगर की विरासत के अनुरूप नया लुक देना चाहते हैं, वे वडनगर एसटी डिपो में जीएसएफसी के प्रतिनिधि से संपर्क कर योजना का लाभ ले सकते हैं।
वडनगर में पर्यटन सुविधाओं के विकास के साथ सरकारी उपक्रम की इस पहल से शहर की ऐतिहासिक पहचान को नया स्वरूप मिलने के साथ स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
