फर्जी लोन ऐप के जरिए ब्लैकमेलिंग करने वाले अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह के चार आरोपित गिरफ्तार

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राजगढ़{ गहरी खोज }: मध्‍य प्रदेश के राजगढ़ जिले की कोतवाली थाना पुलिस ने फर्जी लोन ऐप और रिकवरी एजेंट बनकर लोगों को ब्लैकमेल करने वाले एक अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपितों को उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपित लोगों की निजी जानकारी और तस्वीरों का दुरुपयोग कर उन्हें बदनाम करने की धमकी देकर धन उगाही करते थे।
पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी ने बुधवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि 2 जून को एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ अज्ञात लोग व्हाट्सएप के माध्यम से उससे संपर्क कर फर्जी लोन रिकवरी के नाम पर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। आरोपितों ने उसकी तस्वीरों का इस्तेमाल कर आपत्तिजनक सामग्री तैयार की और उसे रिश्तेदारों तथा परिचितों को भेजने की धमकी दी। भयवश पीड़ित ने विभिन्न यूपीआई खातों में कुल 28 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए थे।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की पड़ताल के दौरान पुलिस को गिरोह के संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले। जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी लोन ऐप के माध्यम से लोगों की व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त करते थे और फिर दबाव बनाकर उनसे धनराशि वसूलते थे।
पुलिस के अनुसार ठगी से प्राप्त रकम को विभिन्न डिजिटल माध्यमों से ट्रांसफर कर क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित किया जाता था, जिससे लेनदेन का पता लगाना कठिन हो सके। आरोपितों पर निजी तस्वीरों का दुरुपयोग कर आपत्तिजनक फोटो और वीडियो तैयार करने तथा उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित करने की धमकी देकर अवैध वसूली करने का आरोप है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मोहम्मद आकीब खान (22), इस्माइल (28), मोहम्मद इल्तिफात (28) और अरमान हुसैन, निवासी अमेठी (उत्तर प्रदेश), को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में आरोपितों के बैंक खातों से लगभग 30 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन की जानकारी भी सामने आई है।
पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और इसके संभावित अंतर्राज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच कर रही है। कार्रवाई में थाना प्रभारी मंजू मखेनिया, एसआई सुभाष द्विवेदी, जितेंद्र अजनारे, राहुल रघुवंशी, आर. अतुल, कुलदीप, अशोक सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात लोन ऐप, संदिग्ध लिंक या ऑनलाइन ऑफर पर भरोसा न करें। ब्लैकमेलिंग या साइबर ठगी की किसी भी घटना की जानकारी तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा निकटतम पुलिस थाने में दें।

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