वरिष्ठ कांग्रेस नेता सूरज हेगड़े को राहुल गांधी ने दी श्रद्धांजलि, अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे बेंगलुरु
बेंगलुरु{ गहरी खोज }: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सचिव तथा कर्नाटक राज्य गारंटी योजनाओं की क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता सूरज हेगड़े के निधन से कांग्रेस पार्टी में शोक की लहर है। उनके निधन पर कांग्रेस के शीर्ष नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मंगलवार को बेंगलुरु पहुंचे और डॉलर्स कॉलोनी स्थित सूरज हेगड़े के आवास पर जाकर उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किए। राहुल गांधी ने पुष्पांजलि अर्पित कर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी तथा शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें इस कठिन समय में धैर्य रखने का संबल दिया।
इस दौरान कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद, एआईसीसी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला और के.सी. वेणुगोपाल सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने सूरज हेगड़े के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
सूरज हेगड़े का राजनीतिक और सामाजिक जीवन काफी सक्रिय रहा। वे कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत डी. देवराज अरसु के पौत्र थे और कांग्रेस संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके थे। उन्होंने एआईसीसी सचिव, केपीसीसी उपाध्यक्ष तथा तमिलनाडु और पुडुचेरी कांग्रेस के प्रभारी के रूप में संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
उल्लेखनीय है कि 7 जून को सूरज हेगड़े को अचानक गंभीर हृदयाघात हुआ था। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। उनके निधन की खबर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक व्याप्त है।
सूरज हेगड़े विशेष रूप से पिछड़े वर्गों के कल्याण, श्रमिकों के अधिकारों और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे। सामाजिक समानता और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए उनके प्रयासों को कांग्रेस नेताओं ने याद करते हुए कहा कि उनका योगदान लंबे समय तक प्रेरणा देता रहेगा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सूरज हेगड़े का निधन पार्टी और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके विचार, संगठनात्मक क्षमता और सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा।
