भोपाल में कचरा फैलाने और जलाने पर लगेगा जुर्माना, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नए नियमों पर गरमाई परिषद बैठक
कांग्रेस पार्षद ने उठाए सफाई व्यवस्था पर सवाल, कचरा कैफे पहुंचकर जांची जमीनी हकीकत
भोपाल{ गहरी खोज }: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम जल्द नए नियम लागू करने जा रहा है। मंगलवार को आईएसबीटी स्थित नगर निगम सभागार में आयोजित विशेष बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। बैठक में बताया गया कि खुले में कचरा फेंकने या जलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, 100 या उससे अधिक लोगों के किसी भी आयोजन की सूचना निगम को कम से कम तीन दिन पहले देना अनिवार्य होगा।
नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी की अध्यक्षता में हुई बैठक में विशेषज्ञ अतुल खरे ने नए नियमों की जानकारी देते हुए बताया कि बड़े भवनों, संस्थानों, स्कूल-कॉलेजों और आयोजनों को भी कचरा प्रबंधन के नियमों का पालन करना होगा। नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सफाई व्यवस्था पर कांग्रेस-भाजपा पार्षद आमने-सामने
बैठक के दौरान सफाई व्यवस्था और निगम की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। कांग्रेस पार्षद देवांशु कंसाना ने अपने वार्ड में गिरे पेड़ को हटाने में छह दिन लगने और सफाई व्यवस्था में खामियों का मुद्दा उठाते हुए निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उनकी टिप्पणियों पर भाजपा पार्षदों ने आपत्ति जताई और अपने-अपने वार्डों में सफाई व्यवस्था को संतोषजनक बताया। महापौर मालती राय ने भी कहा कि सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति वही पार्षद बेहतर जानते हैं, जो नियमित रूप से क्षेत्र का दौरा करते हैं।
आरोपों के बाद कचरा कैफे पहुंचे देवांशु कंसाना
बैठक के बाद कांग्रेस पार्षद देवांशु कंसाना 10 नंबर मार्केट स्थित कचरा कैफे पहुंचे और वहां की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि कचरा कैफे में कचरे की एंट्री और उसके बदले मिलने वाले सामान का रिकॉर्ड रखने वाला कंप्यूटर सिस्टम बंद मिला। उन्होंने व्यवस्था की पारदर्शिता और संचालन को लेकर सवाल उठाते हुए इसकी जांच की मांग की।
पार्षदों ने उठाए संसाधनों और अमले की कमी के मुद्दे
बैठक में कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के पार्षदों ने सफाई व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को सामने रखा। कांग्रेस पार्षद मोहम्मद सरवर ने पॉलीथिन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने, नालियों से निकले कचरे के समय पर उठाव नहीं होने और नए नियमों से जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की बात कही। वहीं भाजपा पार्षद विलास राव घाड़गे और गुड्डू चौहान ने सफाई कर्मचारियों एवं संसाधनों की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई वार्डों में कचरा बढ़ रहा है, जबकि कर्मचारियों की संख्या लगातार घट रही है। उन्होंने सफाई अमले और वाहनों की संख्या बढ़ाने की मांग की।
30 जून तक लागू होंगे नए नियम
प्रस्तुति में बताया गया कि 30 जून तक नए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम लागू किए जाने हैं। इसके तहत निगम को कचरा प्रबंधन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करनी होगी। एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से निगरानी की जाएगी और 237 बिंदुओं पर रिपोर्टिंग की जाएगी। निगम का दावा है कि नए नियम लागू होने से कचरे के परिवहन में लगभग 25 प्रतिशत तक कमी आएगी और स्रोत स्तर पर ही कचरे के निपटान को बढ़ावा मिलेगा। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि बड़े भवनों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, स्कूल-कॉलेजों तथा आयोजकों को गीले कचरे के प्रबंधन की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम जल्द जुर्माने की दरें भी निर्धारित करेगा।
