हत्या की वारदात को छिपाने के लिए पति ने बुना था जाल, पुलिस ने आरोपित को किया गिरफ्तार
अंबिकापुर{ गहरी खोज }: सरगुजा जिले के मणिपुर थाना अंतर्गत मामूली पारिवारिक विवाद में एक पति द्वारा अपनी ही पत्नी की बेरहमी से पिटाई कर हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपित पति ने कानून के शिकंजे से बचने के लिए गंभीर रूप से घायल पत्नी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मणिपुर थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित को बांकी डेम के पास जंगलों से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम सकरिया कुन्नी (थाना लखनपुर) निवासी आवेदक प्रसन्न अगरिया ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी बहन हीरो बाई के साथ उसके पति प्रदीप अगरिया ने 14 मई की शाम को भिट्ठीखला स्थित घर पर मामूली विवाद के बाद चारपाई (खटिया) के पाये से ताबड़तोड़ वार कर गंभीर मारपीट की थी। सिर और चेहरे पर आई गंभीर चोटों के कारण आरोपित पति खुद को फंसता देख, बचने की नीयत से पत्नी को इलाज के लिए जिला अस्पताल अंबिकापुर लेकर पहुंचा। अस्पताल में इलाज के दौरान रात में ही पीड़िता हीरो बाई ने दम तोड़ दिया। प्रार्थी की रिपोर्ट पर मणिपुर थाने में अपराध क्रमांक 95/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(2) के अंतर्गत हत्या का मामला पंजीकृत कर विवेचना शुरू की गई।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) अंबिकापुर राहुल बंसल (भा.पु.से.) के कुशल मार्गदर्शन में मणिपुर थाना और साइबर सेल अंबिकापुर की दो अलग-अलग संयुक्त टीमें गठित की गईं। पुलिस टीमों ने आरोपित के छिपने के सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दी। इसी दौरान मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि आरोपित बांकी डेम के पास जंगलों में छिपा हुआ है। पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए जंगल की घेराबंदी की और आरोपित प्रदीप अगरिया को हिरासत में ले लिया।
पुलिस की कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपित प्रदीप अगरिया ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपित ने स्वीकार किया कि मामूली कहासुनी पर उपजे गुस्से मे उसने खटिया के पाये से पत्नी के सिर और चेहरे पर जानलेवा हमला किया था। जब उसकी हालत बिगड़ने लगी, तो पुलिस केस से बचने और मामले को दबाने के उद्देश्य से उसने पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराया था। पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध अपराध का पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक सी.पी. तिवारी, सहायक उप निरीक्षक अनिल पाण्डेय, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत कुमार मिश्रा, प्रधान आरक्षक विकास सिन्हा, जयदीप सिंह, महिला प्रधान आरक्षक मालती तिवारी, आरक्षक सत्येन्द्र दूबे, अशोक यादव, रमेश राजवाड़े, मनीष सिंह, अनिल सिंह, उमाशंकर साहू और रमाशंकर यादव की विशेष व सराहनीय भूमिका रही।
