मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में एक और संवेदनशील कदम
गुजरात सरकार ने दिव्यांग अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण के संबंध में नीति बनाने के लिए समिति का गठन किया
- मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति करेगी सर्वांगीण अध्ययन
- भारत सरकार, अन्य राज्यों तथा न्यायालय के फैसलों के आधार पर बनाई जाएगी आरक्षण नीति
गांधीनगर, 22 अगस्त : राज्य सरकार ने दिव्यांग अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ देने के संबंध में उचित नीति निर्धारित करने के लिए पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। इस निर्णय से राज्य के दिव्यांग कर्मचारियों के लिए पदोन्नति और करियर में समान अवसर की दिशा में नई उम्मीद जगी है।
इस समिति की अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे। समिति में सामान्य प्रशासन विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, कानून विभाग के उच्च अधिकारी तथा दिव्यांग व्यक्तियों के लिए कार्यालय के आयुक्त सदस्य के रूप में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गठित यह समिति दिव्यांग कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने से संबंधित कानूनी प्रावधानों, भारत सरकार के निर्देशों तथा सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के संबंधित निर्णयों का अध्ययन करेगी। साथ ही अन्य राज्यों की नीतियों और प्रावधानों का भी तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा।
समिति पदोन्नति में आरक्षण के लिए उचित नीति, आरक्षण प्रतिशत तथा इसके प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में अपनी विस्तृत सिफारिशें राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगी। आवश्यकता पड़ने पर समिति विभिन्न विभागों और कार्यालयों से आवश्यक जानकारी एवं राय भी प्राप्त कर सकेगी।
दिव्यांग कर्मयोगियों के सशक्तीकरण और उन्हें समान अवसर प्रदान करने की दिशा में यह पहल गुजरात सरकार की समावेशी और संवेदनशील प्रशासनिक सोच को और मजबूत करती है। समिति की सिफारिशों के आधार पर पदोन्नति में आरक्षण संबंधी उचित नीति बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
