धैर्य, विवेक और दूरदर्शिता से प्रेरित कार्यों के माध्यम से ही सुख और समृद्धि के द्वार खुलते हैं: प्रधानमंत्री मोदी

0
images (1)

नई दिल्ली{ गहरी खोज }: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि धैर्य, विवेक और दूरदर्शिता से प्रेरित कार्यों के माध्यम से ही सुख और समृद्धि के द्वार खुलते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि हर निर्णय के लिए गहन समझ आवश्यक है, क्योंकि सफलता उन निर्णयों पर आधारित होती है जो उचित सोच-विचार के साथ लिए जाते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को एक्स पोस्ट में संस्कृत सुभाषित साझा किया- “सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम्। वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धाः स्वयमेव सम्पदः॥” इस सुभाषित का अर्थ है कि किसी भी कार्य को बिना सोचे-समझे प्रारंभ नहीं करना चाहिए, क्योंकि अविवेकपूर्ण कार्य बड़ी आपदाओं को निमंत्रण देते हैं। इसके विपरीत, सफलता और समृद्धि स्वयं ऐसे व्यक्ति का चुनाव करती है जो प्रत्येक कार्य को सोच-विचार कर करता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि धैर्य, विवेक और दूरदर्शिता से किए गए कार्यों से ही सुख-समृद्धि के द्वार खुलते हैं। इसलिए हर निर्णय में पूरी समझदारी जरूरी है, क्योंकि सोच-समझकर उठाया गया कदम ही सफलता का आधार बनता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *