त्रि-स्तरीय सुरक्षा से मानवीय गलतियां में हुआ सुधार: सचिव संजय कुमार

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नई दिल्ली{ गहरी खोज }: शिक्षा मंत्रालय के तहत विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार ने रविवार को कहा कि त्रि-स्तरीय सुरक्षा से मानवीय गलतियां अब पूरी तरह से समाप्त हो गई हैं। संजय कुमार आज दिल्ली में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की कक्षा 12वीं के मूल्यांकन और नतीजों को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच बनी चिंता को लेकर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि स्कैनिंग की इस पूरी प्रक्रिया में त्रि-स्तरीय सुरक्षा सुनिश्चित की गई थी। इसका सबसे बड़ा लाभ यह हुआ है कि अंकों की गिनती में होने वाली मानवीय गलतियां अब पूरी तरह से समाप्त हो गई हैं। शिक्षकों को इस नई व्यवस्था के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया था। देशभर के छात्रों और अभिभावकों में नतीजों को लेकर बनी बेचैनी पर संवेदनशीलता दिखाते हुए संजय कुमार ने कहा कि चाहे शिक्षा मंत्रालय हो या सीबीएसई, हमारे सभी बच्चों का कल्याण और उनकी चिंताएं हमारे लिए सर्वोपरि हैं। इस दौरान उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया कि मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी तरह सटीक और त्रुटिहीन बनाने के लिए इस बार बड़े स्तर पर तकनीकी बदलाव किए गए हैं।
संजय कुमार ने कहा कि इस बार 12वीं कक्षा की परीक्षाओं के बाद मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ का सहारा लिया गया। इसके तहत परीक्षा देने वाले सभी छात्रों की कुल 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके उनकी पीडीएफ प्रतियां तैयार की गईं।
डिजिटल मूल्यांकन के दौरान सामने आई चुनौतियों का जिक्र करते हुए सचिव ने कहा कि तकनीक के साथ-साथ छात्रों के हित का भी पूरा ध्यान रखा गया। स्कैनिंग के दौरान लगभग 13 हजार ऐसी उत्तर पुस्तिकाएं पाई गईं, जिनमें छात्रों द्वारा इस्तेमाल की गई स्याही बहुत हल्के रंग की थी। इस वजह से कई बार स्कैन करने के बाद भी उनमें कुछ अस्पष्टता रह जा रही थी।
प्रशासन ने तुरंत कदम उठाते हुए इन सभी 13 हजार कॉपियों को डिजिटल सिस्टम से अलग किया। शिक्षकों को निर्देश देकर इन उत्तर पुस्तिकाओं की मैन्युअल (पारंपरिक तरीके से) जांच करवाई गई और उसके बाद ही छात्रों के अंक दर्ज किए गए, ताकि किसी भी बच्चे का नुकसान न हो। मंत्रालय ने साफ किया है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग के माध्यम से की गई चेकिंग पूरी तरह सटीक है और सुरक्षा स्तरों पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि छात्र बिना किसी डर के अपने भविष्य की ओर कदम बढ़ सकें।

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