अमित शाह ने गांधीनगर में किया ऑटोमैटिक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का लोकार्पण, प्रतिदिन ढाई लाख लीटर दूध की क्षमता

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गांधीनगर{ गहरी खोज }: केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को गांधीनगर के दशेला में मधुर डेयरी के नवनिर्मित मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर पशुपालक बहनों ने अमित शाह का स्वागत किया। अमित शाह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि दशेला में 15 एकड़ भूमि में 128 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित यह पूर्णतः ऑटोमैटिक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट पशुपालकों की आर्थिक उन्नति का आधार बनेगा। यह प्लांट प्रतिदिन ढाई लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग करेगा, जिसे भविष्य में पांच लाख लीटर तक बढ़ाने की योजना है। इस प्लांट के संचालन खर्च के बाद होने वाला लगभग 75 प्रतिशत मुनाफा सीधे ही पशुपालकों के बैंक खातों में जमा होगा।
डेयरी सेक्टर को महिला सशक्तीकरण का विशेष माध्यम बताते हुए अमित शाह ने कहा कि आज गुजरात में 36 लाख पशुपालक बहनों के माध्यम से प्रतिदिन तीन करोड़ लीटर दूध एकत्र किया जाता है जिससे हर दिन लगभग 200 करोड़ रुपए की राशि सीधे बहनों के बैंक खातों में जमा होती है। उन्होंने निजी अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि पहले जो बहनें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं थीं, वे आज डेयरी सेक्टर के कारण ‘घर की सेठ’ बनी हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डेयरी सेक्टर में ‘सर्कुलर इकोनॉमी’ को प्रोत्साहन देकर पशुपालकों की आय में कम से कम 20 प्रतिशत की वृद्धि करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने अमूल के उत्पादों के प्रति लोगों में बढ़ रहे विश्वास का उदाहरण देते हुए कहा कि अमूल की शुगर फ्री चॉकलेट ‘शुगर फ्री चॉकलेट’ कैटेगरी में देश में पहले स्थान पर है, जिसका सीधा फायदा किसानों तक पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि श्वेत क्रांति 2.0 के अंतर्गत आगामी 10 वर्ष में देश का कुल दूध उत्पादन तीन गुना बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अमूल ने टेक्नोलॉजी के माध्यम से पशुपालकों का मुनाफा बढ़ाने का कार्य किया है। उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री की ओर से लॉन्च की गई डिजिटल सहायक ‘सरलाबेन’ का उल्लेख किया जो आज ग्रामीण क्षेत्र की बहनों को पशुपालन एवं खेती में सहायक हो रही है।
मधुर डेयरी की प्रगति की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि मधुर डेयरी सरदार वल्लभभाई पटेल, त्रिभुवनभाई पटेल तथा डॉ. वर्गीस कुरियन की परंपरा को आगे बढ़ा रही है। मधुर डेयरी की वर्ष 1971 में केवल 4 मंडलियों तथा 6000 लीटर दूध एकत्रीकरण से शुरू की गई यात्रा आज 268 करोड़ रुपए के वार्षिक टर्नओवर तक पहुंची है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि गुजरात की धरती सदियों से सहकारिता की भावना से समृद्ध धरती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बदलते जा रहे परिप्रेक्ष्यों के साथ सहकारिता क्षेत्र के भी कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए ‘सहकार से समृद्धि’ का मार्ग अपनाया है।
सीएम ने कहा कि इतना ही नहीं प्रधानमंत्री ने विकास की राजनीति का नया इतिहास रचा है, उसमें भी सबके सहयोग से देश की समृद्धि का ही भाव हृदय में रखा है, जिसकी वजह से उन्होंने जनता-जनार्दन का अपार विश्वास तथा भरोसा प्राप्त किया है।
मुख्यमंत्री ने मधुर डेयरी के ऐतिहासिक संस्मरणों को ताजा करते हुए कहा कि आज से साढ़े पांच दशक पहले केवल तीन-चार दूध उत्पादक सहकारी मंडलियों ने यह संघ शुरू किया था और अब गांधीनगरवासियों की हर सुबह मधुर नाम के दूध की चाय से ही होती है।
सीएम ने मधुर डेयरी तथा गांधीनगर जिला दूध उत्पादक संघ की अन्य विशेषताओं का जिक्र करते हुए कहा कि गांधीनगर में दूध का उपभोग करने वालों यानी दूध उपभोक्ताओं की सहकारी मंडली पचास वर्ष से कार्यरत है। 15 हजार सभासदों वाली यह मंडली 230 वितरण केंद्रों से मधुर डेयरी के दूध का वितरण करती है।
मुख्यमंत्री ने मधुर डेयरी के इस कार्यक्रम को गृह मंत्री के दिशा-निर्देश में गांधीनगर में श्वेत क्रांति से विकास क्रांति का उत्सव बताया और डेयरी की विकास गाथा में नया स्तर तक जुड़ने के लिए मधुर डेयरी परिवार का अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमित शाह ने संगठन शक्ति, कार्यकर्ता आधारित राजनीति तथा जन विश्वास किस तरह जीता जा सकता है, उसका जीवंत उदाहरण पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों के जरिये दिखाया है। कार्यक्रम के प्रारंभ में मधुर डेयरी के चेयरमैन शंकरसिंह राणा ने सभी का स्वागत करते हुए मधुर डेयरी की विस्तृत पृष्ठभूमि पेश की। इस अवसर पर अमूल फेडरेशन-जीसीएमएमएफ के चेयरमैन अशोक भाई चौधरी, नाफेड के चेयरमैन जेठाभाई आहिर, गांधीनगर दक्षिण के विधायक अल्पेश ठाकोर, मेहसाणा के विधायक जे. एस. पटेल, दहेगाम के विधायक बलराजसिंह चौहाण, सहकारिता विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुणकुमार सोलंकी, मधुर डेयरी के निदेशक मंडल के सदस्य, सहकारिता अग्रणी सहित बड़ी संख्या में पशुपालक एवं किसान उपस्थित रहे।

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