आईआरएफसी का वित्त वर्ष 26 में शानदार प्रदर्शन, मुनाफा 7.8 प्रतिशत बढ़ा

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नई दिल्ली{ गहरी खोज }: रेल मंत्रालय के अधीन नवरत्न सार्वजनिक उपक्रम भारतीय रेल वित्त निगम (आईआरएफसी) ने वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन करते हुए कर पश्चात लाभ (पीएटी) में 7.80 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की है। कंपनी का शुद्ध लाभ बढ़कर 7,009.17 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में 6,502 करोड़ रुपये था।
कंपनी ने बुधवार को जारी अपने वित्तीय परिणामों में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 उसके लिए रणनीतिक विविधीकरण का पहला पूर्ण वर्ष रहा, जिसमें रेलवे वित्त पोषण के पारंपरिक मॉडल से आगे बढ़ते हुए उसने बुनियादी ढांचा वित्त पोषण के विभिन्न क्षेत्रों में विस्तार किया। कंपनी की परिसंपत्ति प्रबंधन (एयूएम) राशि बढ़कर रिकॉर्ड 4.85 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जबकि कुल परिसंपत्तियां पहली बार 5 लाख करोड़ रुपये के पार चली गईं।
आईआरएफसी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मनोज कुमार दुबे ने कहा कि वित्त वर्ष 26 कंपनी के लिए परिवर्तनकारी वर्ष साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि विविधीकरण रणनीति के चलते कंपनी को बेहतर स्प्रेड, उच्च मार्जिन और शेयरधारकों के लिए अधिक मूल्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने शून्य एनपीए की अपनी मजबूत परंपरा को बरकरार रखा है।
कंपनी के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान उसने 72,949 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति दी तथा लगभग 35,067 करोड़ रुपये का वितरण किया। आईआरएफसी ने रेलवे से जुड़े क्षेत्रों के अलावा बिजली उत्पादन, नवीकरणीय ऊर्जा, ट्रांसमिशन, उर्वरक तथा रेलवे लिंक्ड इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में भी वित्त पोषण गतिविधियां बढ़ाई हैं।
आईआरएफसी ने इस दौरान डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) के लिए 9,821 करोड़ रुपये की दीर्घकालिक रुपये आधारित सुविधा के माध्यम से विश्व बैंक ऋण का पुनर्वित्तपोषण किया, जिससे लगभग 2,700 करोड़ रुपये की बचत हुई। इसके अलावा कंपनी ने हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के लिए 12,842 करोड़ रुपये का पुनर्वित्तपोषण सौदा भी पूरा किया।
कंपनी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (एनआईएम) बढ़कर 1.50 प्रतिशत हो गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6 प्रतिशत अधिक है। आईआरएफसी ने कहा कि मेट्रो, पोर्ट और अन्य उभरते बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों से आगामी वित्त वर्ष में वृद्धि को और गति मिलने की उम्मीद है।

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