अमेरिका-ईरान के संघर्ष पर ‘अल्लाह ही जानें हमारी क्या हालत होगी’: फारूक अब्दुल्ला
श्रीनगर{ गहरी खोज }: नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने ईरान-अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष को संकट बताते हुए कहा कि अगर यह नहीं रुका तो अल्लाह ही जानें कि हमारी क्या हालत होगी। श्रीनगर में मीडिया से बातचीत के दौरान फारूक अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर कहा कि गैस और पेट्रोल का संकट है। हम बर्बादी की तरफ जा रहे हैं। यह समय बहुत मुश्किल है। हमें सोचना पड़ेगा और कोई न कोई रास्ता निकालना पड़ेगा। सिर्फ ऑनलाइन कर लेने से समाधान नहीं निकलेगा। अर्थव्यवस्था खत्म हो रही है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान की लड़ाई बंद नहीं हुई तो न जाने क्या होगा। घाटी में शराब विवाद को लेकर फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि मैं शराब नहीं पीता हूं, जो लोग शराब पीते हैं, वे पीते ही रहेंगे। अगर उन्हें यहां शराब नहीं मिलेगी, तो वे कहीं और चले जाएंगे। इसके बारे में कोई क्या कर सकता है। उन्होंने कहा कि जो सवाल उठा रहे हैं, उनसे पूछिए शराब पीने वाला कौन है। मुझे याद है जब मेरे पिता चुनाव जीते थे, उसके बाद तत्कालीन पीएम मोरारजी देसाई यहां आए थे, जो शराब के कट्टर विरोधी थे। उन्होंने मेरे पिता से संपर्क किया और प्रस्ताव दिया कि हम शराब की बिक्री पर रोक लगा दें। मेरे पिता ने कहा कि मैं खुशी-खुशी ऐसा कर दूंगा। लेकिन, अगर सरकार हमें उस राजस्व की भरपाई करने को तैयार हो जाएं जो हमें अभी शराब से मिलता है, तो हम इसे बंद कर देंगे। लेकिन, इसका कोई नतीजा नहीं निकला। आज भी अगर भारत सरकार आगे आकर उस राजस्व की भरपाई के लिए जरूरी मदद दे, तो हम इसे तुरंत बंद कर देंगे।
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि हम लोगों ने शराब की दुकानें नहीं खोली। जहां तक इस पर सवाल उठाया जा रहा है तो, जिस वक्त शराब की दुकानें खोली गई, उस वक्त क्यों शोर नहीं किया गया। हर गांव में शराब की दुकानें खुल रही थी, तब शोर नहीं मचाया। अब कुछ कहने और करने के लिए नहीं है तो शोर मचा रहे हैं।
