भाजपा शासित प्रदेशों के सीएम-डिप्टी सीएम ने कामाख्या देवी मंदिर के दर्शन किए

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नई दिल्ली{ गहरी खोज }: असम में मंगलवार को हिमंता बिस्वा सरमा दूसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा भाजपा शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय मंत्री मौजूद रहेंगे।
शपथ ग्रहण समारोह से पहले कई राज्यों के सीएम-डिप्टी सीएम ने कामाख्या देवी मंदिर में दर्शन किए। महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार ने कामाख्या देवी मंदिर में दर्शन करने के बाद एक्स पोस्ट में लिखा कि मैंने असम में कामाख्या देवी मंदिर के दर्शन किए और आदि शक्ति माता कामाख्या देवी का पवित्र दर्शन प्राप्त किया। नीलाचल पर्वत पर स्थित इस शक्तिपीठ में, मैंने मां के चरणों में सभी की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और आनंदमय जीवन के लिए पूरी श्रद्धा से प्रार्थना की। इस अवसर पर, मुझे दिल्ली की मुख्यमंत्री, रेखा गुप्ता से शिष्टाचार भेंट करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। साथ ही, मैंने महाराष्ट्र से आए श्रद्धालुओं के साथ भी आत्मीय बातचीत की। माता कामाख्या देवी के दर्शन से मुझे एक आध्यात्मिक अनुभव, नई ऊर्जा और सकारात्मक शक्ति की अनुभूति हुई।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पोस्ट में लिखा कि गुवाहटी, असम में नीलांचल पर्वत स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता कामाख्या देवी के दर्शन का सौभाग्य मिला। मां कामाख्या से सभी के कल्याण, सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मां कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि यह मां कामाख्या देवी की कृपा है कि इस बार तीसरी बार असम में भाजपा सरकार बन रही है। जनता का प्यार, विश्वास और मां का आशीर्वाद सदैव असम को संपन्न रखे। असम की जनता ने भारतीय जनता पार्टी और एनडीए परिवार को ऐतिहासिक जनादेश देकर पीएम मोदी की विकासवादी, राष्ट्रवादी और जनकल्याणकारी राजनीति पर अपनी प्रचंड मुहर लगाई है। यह जनादेश केवल एक चुनावी विजय नहीं, बल्कि “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के मंत्र, डबल इंजन सरकार की शक्ति तथा भारत की सांस्कृतिक चेतना के प्रति जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पोस्ट में लिखा कि मां कामाख्या की पावन भूमि असम में आज एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी की सरकार शपथ लेने जा रही है। मन आनंद, प्रसन्नता और गौरव से भरा है। पहले जिस असम ने दुर्दशा और घुसपैठ का दंश झेला था, पिछले 10 वर्षों में वही असम सुशासन और विकास की नई परिभाषा लिख रहा है। आज ब्रह्मपुत्र की लहरों से लेकर मां कामाख्या के आंगन तक, ‘विकसित असम’ के संकल्प की गूंज है। हिमंता बिस्वा सरमा ने अतिक्रमण से कब्जाई गई जमीन को मुक्त कराया और साहस, संकल्प तथा सुशासन से जनकल्याण की सरकार चलाई। पीएम मोदी के मार्गदर्शन और हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में काजीरंगा की धरती से लेकर बराक घाटी के चाय बागानों तक, विकास की बयार अब रुकने वाली नहीं है। विकसित भारत के लिए विकसित असम का संकल्प पूरा होगा।

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