ओआरडी एक्ट में बदलाव से ऑयल-गैस सेक्टर में शुरू हुआ सुधारों का नया दौर : हरदीप

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नई दिल्ली{ गहरी खोज }: केंद्र सरकार ने भारत के तेल और गैस सेक्टर को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ‘एक्स’ पोस्ट के जरिए जानकारी दी कि सरकार ने तेल क्षेत्र (विनियमन और विकास) संशोधन अधिनियम (ओआरडी एक्ट) और पीएनजी नियम में 2025 में किए गए संशोधनों के बाद अब रॉयल्टी दरों और उनकी व्यवस्था को तर्कसंगत और एक समान बनाया है।
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिया गया यह फैसला देश के अपस्ट्रीम ऑयल और गैस सेक्टर के लिए एक नए दौर की शुरुआत करेगा। उन्होंने बताया कि कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और केसिंग हेड कंडेनसेट के लिए रॉयल्टी दरों और उनकी गणना की प्रक्रिया में लंबे समय से चली आ रही असमानताओं को खत्म किया गया है।
सरकार के अनुसार, सेक्शन 6ए के तहत संशोधित शेड्यूल अब अलग-अलग नीतियों और कॉन्ट्रैक्ट व्यवस्थाओं में मौजूद अंतर को समाप्त करेगा। इससे निवेशकों को एक स्थिर, पारदर्शी और भरोसेमंद नीति ढांचा मिलेगा, जिससे वे लंबे समय की योजना और निवेश आसानी से कर सकेंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह फैसला पिछले एक दशक से चल रहे उस प्रयास का नतीजा है, जिसका उद्देश्य जटिल नियमों की जगह सरल और एकरूप व्यवस्था लागू करना था। सरकार का मानना है कि इससे देश में एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन सेक्टर को नई रफ्तार मिलेगी और घरेलू तेल-गैस उत्पादन बढ़ेगा।
सरकार ने इसे ‘ऐतिहासिक सुधार, मजबूत ढांचा, मजबूत भारत’ की दिशा में बड़ा कदम बताया है। नई नीति के तहत कम और तर्कसंगत रॉयल्टी दरें लागू होंगी, जिससे उद्योग जगत को राहत मिलेगी। साथ ही यह व्यवस्था वैश्विक मानकों के अनुरूप निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक और प्रतिस्पर्धी बनेगी। केंद्र सरकार का दावा है कि इन सुधारों से भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, विदेशी निवेश बढ़ेगा और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को नई ताकत मिलेगी।

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