सोमनाथ मंदिर राष्ट्रीय स्वाभिमान और सनातन संस्कृति का प्रतीक : मुख्यमंत्री

0
db26e3fcf9de54a9edc3fa4a13569385

जयपुर{ गहरी खोज }: सोमनाथ मंदिर पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की आध्यात्मिक विरासत, राष्ट्रीय स्वाभिमान और अटूट सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को संजोकर आगामी पीढ़ियों तक पहुंचाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री जयपुर स्थित झारखंड महादेव मंदिर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने गुजरात के सोमनाथ मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में आयोजित सोमनाथ अमृत महोत्सव कार्यक्रम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर प्रधानमंत्री का संबोधन भी सुना। सोमनाथ मंदिर पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उनका पारंपरिक शंख और डमरू वादन के साथ भव्य स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री ने विधिवत पूजा-अर्चना कर देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर भारतीय वायु सेना की सूर्य किरण एरोबेटिक टीम ने फ्लाईपास्ट कर तिरंगे और केसरिया रंगों की छटा बिखेरी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमनाथ अमृत महोत्सव केवल अतीत का उत्सव नहीं, बल्कि आने वाले हजार वर्षों के भारत की प्रेरणा का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ‘विकास भी, विरासत भी’ की अवधारणा साकार हो रही है। अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, केदारधाम पुनर्विकास और महाकाल लोक जैसे कार्यों ने भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर अनेक बार विदेशी आक्रमण हुए, लेकिन यह मंदिर हर बार अधिक भव्यता और आत्मगौरव के साथ पुनर्स्थापित हुआ। यह भारतीय संस्कृति की अदम्य शक्ति और आत्मविश्वास का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में अनेक महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। पुष्कर, खाटूश्यामजी, नाथद्वारा, चित्तौड़गढ़ और अन्य धार्मिक स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं और हेरिटेज संरक्षण के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति का स्वभाव है कि वह हर चुनौती के बाद और अधिक मजबूती से उभरती है। स्वच्छता, शिक्षा, महिला सम्मान, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रसेवा हमारी समृद्ध परंपरा के मूल तत्व हैं। कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री ने झारखंड महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक, पंचामृत अभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *