भारतमाला परियोजना घोटाला: छत्तीसगढ़ में जमीन कारोबारी गोपाल गांधी के ठिकानों पर ईडी का छापा

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रायपुर{ गहरी खोज }: छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित जमीन मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए जमीन कारोबारी गोपाल गांधी और उनके सहयोगियों के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है । आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, ईडी के करीब 13 अधिकारियों की टीम अहले सुबह रायपुर के अभनपुर स्थित गोपाल गांधी के निवास और कार्यालय पहुंची और छापेमारी शुरू की। ईडी की टीम यहां दस्तावेजों के साथ-साथ डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है।
भारतमाला परियोजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में हुए जमीन मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा की जांच में बड़े खुलासे हुए हैं। रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक की धांधली का आरोप है।
प्रवर्तन निदेशालय और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा की जांच में पता चला है कि कृषि भूमि को बैकडेट में गैर-कृषि भूमि में बदलकर उसका मुआवजा कई गुना बढ़ाकर दिखाया गया। यह खेल राजस्व विभाग के अधिकारियों (एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी) ने जमीन दलालों के मिलीभगत कर किया। इसमें एक ही खसरे की जमीन को कागजों में छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर अलग-अलग लोगों को मुआवजा दिलाया गया।
मामले में ईडी ने कार्रवाई करते हुए पूर्व में रायपुर और महासमुंद में छापेमारी कर करोड़ों की संपत्तियां अटैच की हैं और 40 लाख रुपये से अधिक कैश जब्त किया है। मामले में तत्कालीन सब-डिविजनल ऑफिसर निर्भय साहू और अन्य अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके साथ अपराध शाखा ने 10 लोगों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें सरकारी अधिकारी और जमीन दलाल शामिल हैं।

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