हेल्पलाइन 181 कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर प्रमुख शासन सचिव ने दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश
जयपुर{ गहरी खोज }: पशुपालन, मत्स्य एवं गौ-पालन विभाग के प्रमुख शासन सचिव विकास सीताराम भाले ने गुरुवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर विभागीय शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल पर दर्ज सभी शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख शासन सचिव ने स्वयं परिवादियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। चित्तौड़गढ़ के संजय कुमार ने राणा प्रताप सागर और बीसलपुर बांध में लीज अवधि समाप्त होने के बावजूद अवैध मत्स्य आखेट की शिकायत दर्ज कराई। वहीं अलवर के देवेन्द्र ने पालतू पशु को उपचार नहीं मिलने, झुंझुनूं के अशोक कुमार ने पशु दवाइयों की कमी, उदयपुर के देवी लाल ने डॉक्टरों की अनुपस्थिति, दौसा के महेश ने वेटनरी कॉलेज में जमा राशि वापस नहीं मिलने तथा जयपुर के महेंद्र ने गौशाला अनुदान नहीं मिलने की समस्या बताई।
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विकास सीताराम भाले ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। कोटा से आई शिकायत में बिना अनुमति टीकाकरण से गाय के बीमार होने पर उन्होंने तुरंत चिकित्सकीय टीम भेजने के आदेश भी दिए।
प्रमुख शासन सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हेल्पलाइन 181 पर प्राप्त शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा कॉल रिस्पॉन्स टाइम, पंजीकरण प्रक्रिया और समाधान की गुणवत्ता में सुधार किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों से प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग, जिला-वार प्रगति विश्लेषण और संतुष्टि प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं परिवादियों से संवाद करें और समाधान के बाद फीडबैक भी लिया जाए। बिना समाधान शिकायत को आगे बढ़ाने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई। बैठक में विभागवार शिकायतों की स्थिति भी प्रस्तुत की गई।
इस दौरान बताया गया कि पशुपालन विभाग की 17,977 में से 16,908 शिकायतों का निस्तारण औसत समय 18 दिन में किया गया। मत्स्य विभाग की 140 में से 122 शिकायतों का समाधान, गोपालन विभाग की 1,024 में से 971 शिकायतों का निस्तारण, राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की 2,694 में से 2,515 शिकायतों का समाधान, राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेज की 172 में से 157 शिकायतों का निस्तारण किया गया है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी निर्धारित तिथियों पर हेल्पलाइन 181 कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर आमजन से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल से नागरिकों को घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कराने और शीघ्र समाधान प्राप्त करने की सुविधा मिल रही है। निरीक्षण के दौरान विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह पहल राज्य में पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
