कानपुर के व्यापारियों ने बाजार में छोटे नोट लाने के लिए आरबीआई से की मांग : सुनील बजाज

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कानपुर{ गहरी खोज }: शहर में छोटे नोटों की कमी और बढ़ती बेरोजगारी के कारण खुदरा कारोबार गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। छुट्टे पैसे की समस्या से व्यापारियों और ग्राहकों के बीच विवाद बढ़ रहे हैं, जबकि बाजार में ग्राहकी भी लगातार घट रही है। इस स्थिति को देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है। यह बातें बुधवार को कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील बजाज ने कही।
कानपुर उद्योग व्यापार मंडल ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक को पत्र भेजकर शहर के बाजारों में 10, 20, 50 और 100 रुपये के नोटों की कमी का मुद्दा उठाया है। व्यापार मंडल का कहना है कि फुटकर व्यापार काफी हद तक नकद लेनदेन पर आधारित है। छोटे नोट उपलब्ध न होने से कारोबारियों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
व्यापार मंडल के अनुसार छुट्टे पैसे न दे पाने के कारण ग्राहकों से विवाद की स्थिति बन रही है। इसका असर बाजार की गतिविधियों पर भी पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में व्यापार 30 से 40 प्रतिशत तक घट गया है।
मंडल ने यह भी कहा कि बढ़ती बेरोजगारी के कारण आम लोगों की क्रयशक्ति कमजोर हुई है। लोग अब केवल आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी कर रहे हैं, जिससे बाजार में मंदी का माहौल बना हुआ है। इसका सबसे अधिक असर छोटे और मझोले व्यापारियों पर पड़ रहा है।
व्यापार मंडल ने आरबीआई से मांग की है कि बैंकों और एटीएम में पर्याप्त मात्रा में छोटे नोट उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों के बैंकों में सिक्के और छोटे नोट बदलने के लिए विशेष काउंटर स्थापित किए जाएं। मंडल ने प्रशासन से रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की भी मांग की है, ताकि बाजार में नकदी का प्रवाह और ग्राहकी दोनों बढ़ सकें।

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