फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण पत्र बेचने वाले गिरोह का दलाल और सर्टिफिकेट सप्लायर गिरफ्तार

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जयपुर{ गहरी खोज }: राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा (लेवल-1) वर्ष 2021-22 में खेल कोटे के तहत फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण पत्र लगाकर सरकारी नौकरी दिलाने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दस हजार रुपए के इनामी मुख्य दलाल कप्तान सिंह उर्फ गुर्जर कप्तान सिंह और उसके साथी विष्णु भाखरीवाल को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 11 जून 2026 तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा में ताइक्वांडो खेल के 2 प्रतिशत आरक्षण का लाभ लेने के लिए फर्जी खेल प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए गए थे। इस मामले की जांच के दौरान दो वर्षों से फरार चल रहे 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी कप्तान सिंह (22) निवासी सागरपुर, करौली को करौली जिले से गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई डीआईजी भुवन भूषण यादव के निर्देशन तथा ऑपरेशन्स विंग के प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में की गई।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कप्तान सिंह ने फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों मनोज कुमार गुर्जर, हेमलता गुर्जर और सियाराम गुर्जर से प्रति व्यक्ति 40 हजार रुपए के हिसाब से कुल 1.20 लाख रुपए वसूले थे। इन तीनों अभ्यर्थियों को एसओजी पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है।
आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अपने रिश्ते के जीजा मनोज कुमार गुर्जर के कहने पर फर्जी प्रमाण पत्रों की व्यवस्था की थी। इसके लिए उसने अपने दोस्त विष्णु भाखरीवाल (25) निवासी लालचंदपुरा, जयपुर से संपर्क किया और उसे 60 हजार रुपए ऑनलाइन व नकद भुगतान किए। विष्णु को एसओजी ने 9 जून को गिरफ्तार किया था।
जांच में सामने आया कि कप्तान सिंह और विष्णु भाखरीवाल की दोस्ती सेना भर्ती की तैयारी के दौरान निवारू रोड स्थित एक अकादमी में हुई थी। बाद में विष्णु ने निवारू रोड बाईपास स्थित मदर डेयरी स्कूल में ताइक्वांडो अकादमी संचालित करने वाले बालकंवर सैनी से संपर्क किया। बालकंवर सैनी ने 20 हजार रुपए लेकर थर्ड भगवान महावीर ओपन नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप-2017 के खाली मुद्रित प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए। बाद में इन प्रमाण पत्रों पर अभ्यर्थियों के नाम और श्रेणी भरकर उन्हें असली दर्शाने का प्रयास किया गया।
एसओजी जांच में सामने आया कि प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने वाला आरोपी बालकंवर सैनी वर्तमान में छेड़छाड़ और दुष्कर्म के एक अन्य मामले में पिछले 15 माह से जयपुर केंद्रीय कारागार में न्यायिक अभिरक्षा में बंद है। एसओजी उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ करेगी।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरोह ने ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया, धनबाद के नाम से फर्जी ईमेल आईडी तैयार कर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर को कूटरचित सत्यापन रिपोर्ट भेजी थी। इसी फर्जी सत्यापन के आधार पर अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी मिल गई।
एसओजी ने इस मामले में दर्ज प्रकरण में अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इनमें फर्जी ईमेल आईडी तैयार करने वाला बिमलेन्दु कुमार झा, उसका सहयोगी कमल सिंह, दलाल हितेश भादू, नारायण सिंह, रंगलाल रेगर, प्रद्युम्न गुर्जर तथा राजस्थान ताइक्वांडो एसोसिएशन के महासचिव दिनेश जगरवाल शामिल हैं। एसओजी अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, फर्जी प्रमाण पत्रों के नेटवर्क तथा भर्ती घोटाले से जुड़े अन्य मामलों की जांच में जुटी हुई है।

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