देश में 58 करोड़ जन धन खातों से करोड़ों लोग औपचारिक बैंकिंग से जुड़े : वित्त मंत्री

0
0559b190d5b09b7d1c6ce517257ae05a

नई दिल्ली{ गहरी खोज }: केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि 58 करोड़ से ज्यादा जन धन खातों ने करोड़ों भारतीयों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा। इस विस्तार ने वित्तीय समावेश को बढ़ावा दिया है। साथ ही सुनिश्चित हुआ है कि कल्याणकारी लाभ और पेंशन बिना किसी लीकेज के सीधे नागरिकों तक पहुंचें।
वित्त मंत्रालय के अनुसार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जन-धन योजना के तहत कल्याणकारी योजनाओं, कम लागत वाले बीमा और पेंशन के लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि गरीबी और अभाव के खिलाफ लड़ाई में भारत वैश्विक स्तर पर अलग पहचान बना रहा है।
प्रधानमंत्री जन धन योजना की शुरुआत 28 अगस्त, 2014 को की गई थी। यह दुनिया की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन पहल में से एक है। इस योजना के तहत 56 फीसदी खाताधारक महिलाएं हैं। वहीं, 67 फीसदी खाते ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं।
वित्त मंत्रालय के मुताबिक जन-धन योजना ने लोगों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ने में मदद की है, जिससे उनके जीवन में बदलाव आया है और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। मंत्रालय के मुताबिक प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिये लाभार्थियों के खातों में लगभग 45 लाख करोड़ रुपये सीधे हस्तांतरित किए गए हैं। अब भारत की 94 फीसदी वयस्क आबादी के पास बैंक खाता है। इस योजना के तहत खोले गए बैंक खातों में शून्य ‘बैलेंस’ की सुविधा, मुफ्त रुपे कार्ड, दुर्घटना बीमा और ‘ओवरड्राफ्ट’ की सुविधा मिलती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *