आशीष सूद ने फायर विभाग के साथ की समीक्षा बैठक, आगजनी की घटनाओं की रोकथाम के दिए निर्देश

0
f31451df8642e8740bdbf1feb83c7ff1

नई दिल्ली{ गहरी खोज }: दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में फायर विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में फायर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ सभी छह डिवीजनों के डिविजनल अधिकारी भी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान आशीष सूद ने राजधानी में आगजनी की घटनाओं की रोकथाम तथा आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से फायर प्रिपेयर्डनेस प्लान, फायर प्रिवेंशन में आने वाली बाधाओं (बॉटलनेक), नवीनतम फायर उपकरणों की उपलब्धता, नए फायर वाहनों की खरीद, फायर विभाग के आधुनिकीकरण की योजनाओं तथा फायर फाइटिंग मास्टर प्लान पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में फायर विभाग के रिस्पॉन्स टाइम को और बेहतर बनाने, इंटरनल कम्युनिकेशन सिस्टम को अत्याधुनिक बनाने, मॉडर्न कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम विकसित करने तथा फायर अधिकारियों को आधुनिक तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षण देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।
सूद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिल्ली में फायर सेफ्टी व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं तकनीक आधारित बनाया जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानीवासियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए फायर विभाग के इंफ्रास्ट्रक्चर और मशीनरी को आधुनिक बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सूद ने सभी डिविजनल अधिकारियों से कहा कि वे अपने क्षेत्रों के प्रभारी होते हैं, इसलिए आगजनी की घटनाओं की रोकथाम और उन पर नियंत्रण की सीधी जिम्मेदारी भी उन्हीं की है।
उन्होंने सभी डिविजनल अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों में रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए), मार्किट एसोसिएशन, धार्मिक समितियों, पार्क क्लबों तथा अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के सहयोग से आग की घटनाओं के समय बचाव संबंधी जागरूकता अभियान जैसे मॉक ड्रिल, आग के समय क्या करें और क्या न करें और आग रोकने संबंधी उपायों पर चर्चा की जाये। इन अभियानों के माध्यम से लोगों को आग से बचाव के उपायों तथा आग लगने की स्थिति में अपनाई जाने वाली सुरक्षा प्रक्रियाओं के बारे में जागरूक किया जाए।
गृह मंत्री ने सभी डिविजनल अधिकारियों को फायर प्रिवेंटिव स्ट्रेटेजी, जागरूकता कार्यक्रमों तथा इमरजेंसी प्रिपेयर्डनेस को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने डिविशनल अधिकारियों से कहा कि वह अपने क्षेत्रों के लोगों को अपने घरों में आग से सुरक्षा के उपाए जैसे स्प्रिंकलर, स्मोक डिटेक्टर सिस्टम तथा अन्य आधुनिक फायर सेफ्टी उपकरणों को लगाने के लिए भी प्रेरित करें।
सूद ने फायर विभाग को यह भी निर्देश दिए कि विभाग अतिसंवेदनशील स्थानों जैसे स्कूल, कॉलेज, अस्पताल एवं रेन बसेरों की नियमित समीक्षा करे तथा उनका फायर ऑडिट सुनिश्चित करे, ताकि ऐसे स्थानों पर अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जा सके तथा किसी भी आपात स्थिति से समय रहते प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
गृह मंत्री ने फायर विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजधानी में बढ़ती आबादी के घनत्व और तेजी से हो रहे शहरी विस्तार को ध्यान में रखते हुए आगामी तीन वर्ष, 15 वर्ष और 25 वर्षों की आवश्यकताओं के अनुरूप एक व्यापक फायर फाइटिंग मास्टर प्लान तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करें। सूद ने कहा ऐसी इमारतें और क्षेत्र जो वर्तमान में दिल्ली फायर सर्विस की प्रत्यक्ष परिधि में नहीं आते हैं, वहां भी व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएं ताकि लोगों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा सके। गृह मंत्री ने फायर विभाग के प्रधान निदेशक को एक इंट्रा-डिपार्टमेंटल कोऑर्डिनेशन मीटिंग करने के भी निर्देश दिए। इस मीटिंग में दिल्ली पुलिस, डीडीए, एमसीडी, डिस्कॉम, दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड तथा अन्य सभी संबंधित सिविक एजेंसियों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ही दिल्ली को अधिक सुरक्षित और आपदा-प्रबंधन के लिहाज से सक्षम बनाया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *