चारधाम यात्रा प्रशासनिक नहीं, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी: राज्यपाल

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देहरादून{ गहरी खोज }: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने गुरुवार को लोक भवन में इस साल की चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है।
इस मौके पर राज्यपाल ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर अनुभव सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने फर्जी हेलीकॉप्टर बुकिंग, ओवर रेटिंग और होटल बुकिंग में धोखाधड़ी जैसे साइबर अपराधों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए तथा सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं पर नियंत्रण के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने को कहा।
उन्होंने यात्रा प्रबंधन में नवाचार को बढ़ावा देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की बात कही। स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ‘गोल्डन ऑवर’ में त्वरित उपचार और रेस्क्यू व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही 60 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों की विशेष निगरानी पर जोर दिया गया।
राज्यपाल ने कहा कि जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यात्रा प्रबंधन की धुरी हैं और सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने पूर्व सैनिकों, रेड क्रॉस, एनसीसी और एनएसएस की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश भी दिए। बैठक में प्रमुख सचिव एल.फैनई,सचिव शैलेश बगोली, रविनाथ रामन,पंकज पाण्डेय, डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

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