आईपीएल में खुद को साबित किया वैभव,मुकुल ने

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सुनील दास
संपादकीय { गहरी खोज }:
कभी देश के क्रिकेट में दो चार राज्यों के खिलाड़ी ही खेला करते थे। आईपीएल शुरू होने के बाद क्रिकेट में कई राज्यों के खिलाडियों को खेलने का मौका मिल रहा है। इससे कई राज्यों से प्रतिभाशाली खिलाड़ी सामने आ रहे हैं और अपने प्रतिभा से देश के लोगों को हैरान कर रहे हैं। कोई बल्लेबाजी में नए कीर्तिमान बना रहा है तो कोई गेेंदबाजी में अपना लोहा मनवा रहा है। आईपीएल में बहुत से खिलाड़ियों को खुद का साबित करने का मौका मिल रहा है और कई खिलाड़ी हर मैच में खुद को साबित कर रहे है और पूरे देश में चर्चा का विषय बने हुए हैं। हाल ही हुए आईपीएल के मैच में सबसे ज्यादा चर्चा में वैभव सूर्यवंशी और मुकुल चौधरी रहे हैं।

वैभव सूर्यवंशी आईपीएल के मैचों मे अपने कम उम्र में अद्भुत खेल के कारण चर्चा में बने हुए हैं।किक्रेट में अब तक १६-१७ साल के खिलाड़ी ही अपने खेल के कारण चर्चा में रहे हैं, वैभव पहले ऐसे खिलाड़ी हैं जो १४ साल की उम्र मे ही आईपीएल खेलने व अद्भुत प्रदर्शन करने के कारण चर्चा मे रहे हैं।पिछले आईपीएल में वह ३५ गेंद में शतक लगाकर चर्चा मे रहे थे। इस बार अब तक हुए चार मैचों में वह एक बार नहीं दो बार पंद्रह गेंद में पचास रन बनाने के कारण चर्चा में रहे हैं। लोग एक बार बीस से कम गेंद में शतक बना पाते हैं उसके बाद वह अपने उस शानदार प्रदर्शन को दोहरा नहीं पाते हैं। वैभव सूर्यवंशी २० से कम गेंद में तीन बार पचास रन बना चुके हैं।ऐसा करने वाले वह तीसरे खिलाड़ी हैं।

आईपीएल में पावरप्ले में वही खिलाड़ी बेस्ट माना जाता है जो बिना आउट हुए दो सौ से तीन सौ की स्ट्राइक रेट से रन बनाए और पावर प्ले खत्म होने तक टीम का स्कोर साथी खिलाड़ी के साथ मिलकर ८०-१०० रन तक पहुंचा दे।इस कसौटी पर फिलहाल वैभव सूर्यवंशी व यशस्वी जायसवाल सबसे बेहतरीन खिलाड़ी हैं। दोनों तीन मैंच में पावर प्ले में ज्यादा रन बनाकर आउट नहीं हुए। चौथे मैच में जायसवाल आउट हुए लेकिन वैभव ने उनके आउट होने के बाद भी २६ गेंद में ७८ रन की धुआंधार बैटिंग कर टीम को जिताने में अहम भूमिका निबाह कर चर्चा का विषय रहे।वैभव टी-२० की नई पीढ़ी के क्रिकेटर हैं जिनका यकीन धीमे और ज्यादा देर तक खेलने में यकीन नहीं है।

टी-२० के वर्तमान दौर में हर खिलाड़ी की अपनी भूमिका होती है। जो अपनी तय भूमिका निभाने में सफल होता है वही चर्चा में रहता है। किसी की भूमिका मात्र ६ ओवर में पचास से सौ रन बनाने की है तो वह सफल तब ही माना जाता है जब वह कई मैचों में ऐसा कर पाता है। वैभव ऐसे ही खिलाड़ी हैं, वह बहुत तेज खेलते हैं और चौके के ज्यादा छक्का मारने में यकीन करते हैं, इसलिए वह तेजी से रन बनाते है और उनके तेजी से रन बनाने में टीम का स्कोर तेजी से बढ़ता है और लक्ष्य को पाने में भी ज्यादा समय नहीं लगता है। और टीम को मैच जीतने में आसानी होती है। आईपीएल में राजस्थान रायल यदि अब तक कोई मैच नहीं हारी है तो इसकी एक वजह वैभव व यशस्वी की जोड़ी है। जो छह ओवर में ज्यादा रन बनाकर हर मैंच में जीत की मजबूत नींव रखती हैं। दोनों ६ ओवर में इतने ज्यादा रन इतनी तेजी से बनाते हैं कि बाद के खिलाडियों को आसानी होती है।

आईपीएल में जो मैच जिताने में अहम भूमिका निबाहता है उसी की खूब चर्चा होती है। वैभव सूर्यवंशी चार मैचों में अपनी टीम को जिताने में अहम भूमिका निबाह चुके हैं,इसलिए उनकी हर बार मैच जीतने पर चर्चा होती है और इस बात के लिए भी खूब चर्चा होती है कि वह दिग्गज गेंदबाजों को कैसे छक्का मारते हैं। उन्होंने पिछले मैच में बूमराह,हेजलवुड, भुवनेश्वर आदि खिलाड़ियों की गेंद पर एक से अधिक छक्का मारकर खूब चर्चा में रहे। महान गेंदबाज की गेंद पर छक्का मारना कोई आसान काम नहीं होता है लेकिन वैभव यह काम इतनी आसानी के करते हैं कि लोगों को हैरानी होती है कि वह ऐसा कैसे करते हैं। वैभव की तरह लखनऊ की टीम के मुकुल चौधरी दूसरे ऐसे खिलाडी हैं जो टीम को जिताने के बाद खूब चर्चा में रहे।वह इसलिए चर्चा में रहे कि उन्होंने हारे हुए मैच में अतुलनीय प्रदर्शन कर टीम को जिताया था।

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