पुरानी दिल्ली में ईद की तैयारियां जोरों पर, खरीदारों से ठसाठस भरे बाजार हुए गुलजार
नई दिल्ली{ गहरी खोज }: पवित्र रमजान महीने के आखिरी दिनों में ईद की तैयारियों को लेकर बाजारों में काफी भीड़ उमड़ रही है। इसके मद्देनजर मुस्लिम बहुल जामा मस्जिद इलाके में बाजार सुबह 5 बजे तक खुल रहे हैं। भीड़ का आलम यह है कि यहां पर पैदल चलना भी दुश्वार नजर आ रहा है। लोग पूरी रात खरीदारी करने के साथ-साथ पुरानी दिल्ली के लज़ीज़ पकवानों का भी लुत्फ उठा रहे हैं।
एक महीना रमजान का रोजा रखने के बाद ईद-उल-फित्र का त्यौहार पूरी अकीदत और ऐहतराम के साथ मनाया जाता है। ईद को माहे-रमजान का रोजा रखने का इनाम माना जाता है। इसलिए ईद पर मुसलमानों के जरिए नए कपड़े बनवाए जाते हैं। इसके अलावा खुशियां मनाने के लिए तरह-तरह के पकवान बनते हैं, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण सेवइयां होती हैं। इसे अपने घर वालों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों के साथ मिलजुलकर खाया जाता है। यही वजह है कि यहां बाजारों में बनारसी, लच्छा और मोटी समेत अलग-अलग तरह की सेवइयों की दुकानें सजी हैं, जिनकी लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं।
जामा मस्जिद क्षेत्र में वैसे तो रमजान के शुरुआती दिनों से ही गहमा-गहमी शुरू हो जाती है और बाजार सज जाते हैं, लेकिन जैसे-जैसे ईद का समय करीब आते ही बाजारों में भीड़ बढ़ जाती है। यही नजारा इस समय यहां पर देखने को मिल रहा है। बाजार में कपड़े, इत्र और श्रृंगार की दुकानों में बेशुमार लोग खरीदारी करते हुए दिखाई पड़े रहे हैं। इसके अलावा खजूर और ड्राई फ्रूट्स की दुकानों में भी लोगों को खरीदारी करते हुए देखा जा रहा है। यहां मौजूद रेस्टोरेंट और खाने-पीने की दुकानों में भी रात भर लोगों को खाते-पीते देखा जा सकता है, क्योंकि दिन में रोजा रखने की वजह से इन खाने पीने की दुकानों में सन्नाटा रहता है। इफ्तार का समय होने के बाद से ही सभी रेस्टोरेंट और खाने-पीने के होटल गुलजार हो जाते हैं।
जामा मस्जिद इलाके का उर्दू बाजार, मटिया महल, चूड़ी वालान, चितली कबर, सुई वालान, कमरा बंगश, जटवाड़ा बाजार, तिराहा बैहरम खान, दिल्ली गेट बाजार, सर सैयद रोड बाजार को बड़ी ही खूबसूरत तरीके से सजाया गया है। बिजली के रंग-बिरंगे बल्ब से यहां पर रोशनी की गई है, जो की देखने में काफी दिलकश लगती है। बाजारों की यह सजावट लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कल गुरुवार 19 मार्च को ईद का चांद कमेटियों के जरिए देखने की कोशिश की जाएगी और अगर चांद नजर आ गया, तो उस दिन चांद रात होगी और शुक्रवार 20 मार्च को ईद मनाई जाएगी। अगर चांद नजर नहीं आया, तो अगले दिन यानी 21 मार्च शनिवार को ईद उल फित्र का त्यौहार मनाया जाएगा। सभी मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में ईद की नमाज को लेकर के मस्जिदों में विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।
ईद की नमाज को लेकर के सभी प्रकार की सावधानियां बरती जा रही हैं। स्थानीय पुलिस प्रशासन की तरफ से शांति बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन के जरिए सड़कों पर नमाज पढ़ने के लिए मस्जिदों की प्रबंधक कमेटियों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है और यह सुनिश्चित करने को कहा जा रहा है कि नमाज की वजह से किसी भी व्यक्ति को किसी भी तरह की कोई परेशानी पेश नहीं आए। इसके साथ ही कई मुस्लिम संगठनों की तरफ से भी मुसलमानों से शांति और संयम के साथ ईद मनाए जाने की अपील भी की गई है।
