भांजे की गला घोंटकर हत्या, प्रेम प्रसंग का राज खुलने के डर से दिया वारदात काे अंजाम

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कानपुर{ गहरी खोज }: घाटमपुर थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय किशोर की गला घोंटकर हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में सामने आया कि किशोर को आरोपित के प्रेम प्रसंग की जानकारी हो गई थी और इसी राज के खुलने के डर से उसने हत्या की वारदात को अंजाम दे दिया।
पुलिस उपायुक्त दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने मंगलवार को बताया कि घाटमपुर के कठेठा गांव निवासी संतोष सिंह के 15 वर्षीय पुत्र कृष्ण सिंह उर्फ प्रतीक का शव शनिवार को गांव के पास खेत में पड़ा मिला था। उसके गले में उसी के लोअर के नाड़े से कसाव के निशान थे, जिससे प्रतीत हुआ कि गला घोंटकर हत्या की गई है। घटनास्थल से कुछ दूरी पर किशोर की साइकिल भी पड़ी मिली थी। सूचना पर पहुंची पुलिस और फील्ड यूनिट ने मौके से साक्ष्य एकत्रित कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी थी।
मृतक के पिता संतोष सिंह ने गांव के ही बउरा और प्रभाकर पर हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान परिजनों और संदिग्धों से पूछताछ करने के साथ ही कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी खंगाली। जांच के दौरान सामने आया कि आशुतोष नाम के युवक की मृतक के घर के नंबर पर काफी बातचीत होती थी। इसके बाद पुलिस ने सोमवार को आशुतोष को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह रिश्तेदारी में मृतक का मामा लगता है, जबकि किशोर की बहन उसकी भांजी है। युवती ग्रेजुएशन प्रथम वर्ष की छात्रा है। मामा-भांजी के रिश्ते के बावजूद दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए थे और दोनों अक्सर आपस में बातचीत करते थे।
आरोपित के मुताबिक एक दिन वह अपनी प्रेमिका से मिलकर बातचीत कर रहा था और उसका हाथ पकड़े हुए था। इसी दौरान कृष्ण वहां पहुंच गया और उसने दोनों को देख लिया। कृष्ण ने कहा कि वह घर जाकर अपने पिता को सब कुछ बता देगा। इस बात से आशुतोष घबरा गया और उसने किशोर को रास्ते से हटाने की योजना बना ली। शनिवार शाम उसने कृष्ण को किसी बहाने से बुलाया और खेत की ओर ले गया। वहां पहले उसे उठाकर जमीन पर पटक दिया और फिर उसके ही लोअर के नाड़े से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद वह मौके से चला गया और किसी को शक न हो इसलिए पुलिस की जांच में सामान्य तरीके से सहयोग करता रहा। हालांकि तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस को उस पर शक हुआ। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने पूरी घटना कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

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